
नई दिल्ली। पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे (M.M. Naravane) की प्रस्तावित आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ (Four Stars of Destiny) को लेकर चल रहे विवाद के बीच आखिरकार उन्होंने अपनी चुप्पी तोड़ दी है। जनरल नरवणे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया का आधिकारिक बयान साझा करते हुए लिखा, “किताब की यही स्थिति है।” इससे स्पष्ट संकेत मिला कि उनकी आत्मकथा अभी तक औपचारिक रूप से प्रकाशित नहीं हुई है।
प्रकाशक ने कहा, कोई अधिकृत प्रति उपलब्ध नहीं
पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने अपने बयान में साफ किया है कि इस पुस्तक के एक्सक्लूसिव पब्लिशिंग राइट्स उसके पास हैं और किताब अब तक न तो प्रिंट, न डिजिटल और न ही किसी अन्य माध्यम से प्रकाशित या वितरित की गई है।
प्रकाशक ने चेतावनी दी कि यदि पुस्तक की कोई भी प्रति—पूरी या आंशिक—कहीं प्रसारित होती है, तो उसे कॉपीराइट उल्लंघन माना जाएगा और इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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24 घंटे में दो बार जारी करना पड़ा स्पष्टीकरण
विवाद बढ़ने के बाद प्रकाशक ने 24 घंटे के भीतर दूसरी बार भी स्पष्टीकरण जारी किया। इसमें कहा गया कि किसी पुस्तक को तभी ‘प्रकाशित’ माना जाता है जब वह खुदरा बिक्री के लिए उपलब्ध हो।
राजनीतिक बयानबाज़ी से बढ़ा मामला
यह मुद्दा तब और तूल पकड़ गया जब कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रकाशक के रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने वर्ष 2023 में जनरल नरवणे के एक सोशल मीडिया पोस्ट का हवाला दिया, जिसमें कथित तौर पर लिखा था कि “मेरी किताब अब उपलब्ध है।”
राहुल गांधी ने दावा किया कि इस संदेश से पुस्तक के सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होने का संकेत मिलता है और कहा कि “या तो जनरल नरवणे या प्रकाशक में से कोई सच नहीं बोल रहा।”
संसद तक पहुँचा विवाद
जनरल नरवणे की प्रस्तावित आत्मकथा हाल के दिनों में राजनीतिक बहस का विषय बनी रही। संसद में भी पुस्तक से जुड़े कथित उद्धरणों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली थी।
औपचारिक प्रकाशन अब भी बाकी
प्रकाशक के दोहराए गए स्पष्टीकरण और जनरल नरवणे की प्रतिक्रिया के बाद यह स्थिति स्पष्ट हो गई है कि ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ अभी आधिकारिक रूप से पाठकों के लिए जारी नहीं की गई है। हालांकि, पुस्तक से जुड़े दावों और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के चलते विवाद फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा।
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