
नई दिल्ली । अभिनेता सनी देओल (Sunny Deol) की आगामी फिल्म ‘सूर्या (Soorya)– अंत से आरंभ तक’ रिलीज से पहले विवादों में आ गई है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (Indian Medical Association) (IMA) ने फिल्म में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को कथित रूप से नकारात्मक तरीके से पेश किए जाने पर गंभीर चिंता जताई है। संगठन ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw)को पत्र लिखकर फिल्म की प्रचार सामग्री की समीक्षा कराने की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि फिल्म में चिकित्सा क्षेत्र में भ्रष्टाचार और स्वास्थ्यकर्मियों (Healthcare Workers)के खिलाफ हिंसा को जिस तरह दिखाया गया है, उससे पूरे मेडिकल पेशे की छवि प्रभावित हो सकती है।
IMA के मुताबिक, फिल्म की प्रचार सामग्री दर्शकों के बीच डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को लेकर नकारात्मक धारणा बना सकती है। संगठन को आशंका है कि इससे चिकित्सा व्यवस्था पर आम लोगों का भरोसा कमजोर पड़ सकता है। साथ ही, स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं पैदा हो सकती हैं। इसी वजह से एसोसिएशन ने फिल्म की रिलीज से पहले उसके कंटेंट की निष्पक्ष समीक्षा करने का आग्रह किया है।
संगठन ने केंद्रीय मंत्री को भेजे पत्र में अपनी आपत्तियों के चार प्रमुख बिंदु सामने रखे हैं। पहली चिंता चिकित्सा पेशे को अनुचित तरीके से बदनाम किए जाने और उसकी साख को नुकसान पहुंचने को लेकर है। दूसरी आपत्ति स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ हिंसा दिखाए जाने से जुड़ी है। तीसरा मुद्दा डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा का है। चौथी चिंता डॉक्टर और मरीज के बीच लंबे समय से बने भरोसे पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर जताई गई है।
IMA का मानना है कि किसी फिल्म में दिखाए गए दृश्य और उसके प्रचार का तरीका लोगों की सोच को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में यदि चिकित्सा क्षेत्र में भ्रष्टाचार को व्यापक या सामान्य समस्या के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, तो इससे पूरे पेशे के प्रति अविश्वास बढ़ने की आशंका हो सकती है। संगठन ने यह भी कहा है कि स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ हिंसा से जुड़े दृश्यों को लेकर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए, क्योंकि इसका संबंध उनकी सुरक्षा और कार्यस्थल पर भरोसेमंद माहौल से भी है।
मेडिकल संगठन ने मांग की है कि फिल्म में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को जिस तरह दिखाया गया है, उसकी निष्पक्षता से जांच की जाए। IMA के अनुसार, यदि समीक्षा के दौरान उसकी ओर से उठाई गई चिंताएं सही पाई जाती हैं, तो फिल्म बनाने वालों से आवश्यक बदलाव कराने पर विचार किया जाना चाहिए। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि समीक्षा की मांग पर संबंधित मंत्रालय या फिल्म निर्माताओं की ओर से क्या प्रतिक्रिया दी गई है।
फिल्म का टीजर 19 अक्टूबर को सनी देओल के 69वें जन्मदिन के अवसर पर जारी किया गया था। इसमें अभिनेता एक पुलिस अधिकारी की भूमिका निभाते दिखाई दे रहे हैं। कहानी में उनकी जिंदगी उस समय बदल जाती है, जब उनकी बेटी की मौत हो जाती है। इसके बाद वह मामले की जांच में जुटते हैं और इसी प्रक्रिया में चिकित्सा व्यवस्था से जुड़ी कथित गड़बड़ियों का पर्दाफाश करने की कोशिश करते हैं। फिल्म की कहानी में जांच, अपराध और मेडिकल सिस्टम से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता दी गई है।
‘सूर्या – अंत से आरंभ तक’ का निर्देशन एम. पद्मकुमार ने किया है। फिल्म का निर्माण दीपक मुकुत, हेमंत मुकुत और लोकेश मुकुत ने किया है। यह वर्ष 2018 में रिलीज हुई मलयालम क्राइम थ्रिलर ‘जोसेफ’ का हिंदी रूपांतरण है, जिसकी पटकथा शाही कबीर ने लिखी थी। फिल्म को वास्तविक घटनाओं से प्रेरित बताया जा रहा है। इसकी निर्धारित रिलीज तारीख 20 नवंबर 2026 है। अब रिलीज से पहले IMA की आपत्ति और समीक्षा की मांग के चलते फिल्म की प्रचार सामग्री चर्चा में आ गई है।
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