
इंदौर। जिले में 145 करोड़ रुपये के राजस्व लक्ष्य के मुकाबले अब तक महज 27 करोड़ 7 लाख रुपये की वसूली हो पाई है यानी करीब 18.85 प्रतिशत। शासनकी मांग में से अब भी 90 करोड़ रुपये से अधिक बकाया है। चेतावनी और सख्त निर्देशों के बावजूद कई बड़े बकायदार भुगतान को लेकर गंभीर नहीं दिख रहे। ऐसे में प्रशासन ने अब निर्णायक कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। बड़े बकायेदारों के साथ-साथ सरकारी विभागों से भी प्रशासन को करोड़ों की वसूली करना है जिसमें आइडिए और बिजली जैसे बड़े विभाग भी शामिल है।
पूर्व में हुई बैठक में संभाग आयुक्त सुदाम खाड़े ने स्पष्ट कहा था कि अन्य कामों को पीछे रखकर पूरी ताकत वसूली पर लगाई जाए। इसके बाद कलेक्टर ने समीक्षा बैठक में कड़ा रुख अपनाते हुए विभागीय अधिकारियों को जवाबदेही तय कर 6 संयुक्त कलेक्टर को भी 15-15 गांव की लिस्ट थमाते हुए वसूली की जिम्मेदारी सौंपी थी। वसूली के दबाव के चलते कल अपर कलेक्टर ने बिजली विभाग के अधिकारियों को फोन पर फटकार भी लगाई गई और भुगतान की समयसीमा मांगी गई। इसके बावजूद बकाया की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।
सरकारी विभागों पर फोकस
सूत्रों के मुताबिक इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) और बिजली विभाग सहित कुछ अन्य सरकारी संस्थाओं पर करोड़ों रुपये लंबित हैं। प्रशासन का मानना है कि यदि इनसे समयबद्ध वसूली हो जाए तो लक्ष्य का बड़ा हिस्सा तुरंत पूरा हो सकता है। अब विभागवार बकाया सूची तैयार कर प्राथमिकता तय की जा रही है। सभी तहसीलदारों को निर्देश दिए गए हैं कि वह सरकारी विभाग की वसूली की सूची तैयार कर मांग पत्र जारी करें।
बड़े बकायादारों की पहचान
राजस्व अमले ने 10 लाख रुपये से अधिक बकाया वाले मामलों की अलग सूची बनाई है। ऐसे प्रकरणों में व्यक्तिगत नोटिस, अंतिम चेतावनी और बैंक खातों की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिन मामलों में लंबे समय से भुगतान नहीं हुआ, वहां दंडात्मक कदम उठाने के संकेत हैं। इन सभी बड़े बकायादारों की नाम दर्ज सूची 6 संयुक्त कलेक्टरों को सौंप दी गई है।
कुर्की-जब्ती की तैयारी
बार-बार नोटिस देने के बावजूद भी बकाया दारू द्वारा राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है जिसे देखते हुए कल दौरे के दौरान संभाग आयुक्त ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं इसके बाद प्रशासन अब कुर्की, संपत्ति जब्ती, बैंक खाते सीज करने और भू-अभिलेख में रोक जैसी कार्रवाई ।संबंधित तहसीलदारों को निर्देश दिए गए हैं कि लंबित मामलों में विधिसम्मत कार्रवाई की फाइलें तैयार रखें, ताकि आदेश मिलते ही अमल हो सके।
तहसीलवार प्रदर्शन में भी बड़ा अंतर
शासन द्वारा दिए गए लक्ष्य के अनुसार सांवेर तहसील 29.16 प्रतिशत वसूली के साथ आगे है। वही महू में 21.72 और जूनी इंदौर में 20.53 प्रतिशत काम किया गया है जो औसत से बेहतर हैं। जबकि खुड़ैल 15.89 पर व बेटमा 7.63 राऊ 7.18 और देपालपुर 6.83 प्रतिशत ही काम कर पाए है जो कि सबसे पीछे हैं। हालांकि तहसीलदार तैयार किए गए लक्ष्य में 60 करोड़ 24लाख 66हजार का ही लक्ष्य है जिसका 44 प्रतिशत काम हो चुका है। वसूली बढ़ाने हर समीक्षा में कम प्रदर्शन वाली तहसीलों से स्पष्टीकरण मांगा जा रहा और इनके लिए दैनिक प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य की गई है।

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