
नई दिल्ली: परीक्षा से पहले छात्रों के टेंशन को दूर करने और उन्हें प्रोत्साहित करने का गुरु मंत्र देते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने पढ़ाई को लेकर कहा कि पहले मन को जोतो, फिर मन को जोड़ो, फिर आपको पढ़ाई के जो विषय रखने हों, उसे रखो. ऐसा करते हुए आप सभी छात्र हमेशा सफल पाएंगे. साथ ही उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य ऐसा होना चाहिए, जो पहुंच में हो, लेकिन पकड़ में न हो.
कई राज्यों से आए छात्रों से बातचीत करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “जब परीक्षा पे चर्चा मैंने शुरू किया, तो एक पैटर्न हुआ करता था. अब धीरे-धीरे में उसे बदलता जा रहा हूं, इस बार मैंने अलग-अलग राज्यों में भी किया. मैंने भी अपनी पैटर्न बदली, लेकिन मूल पैटर्न को नहीं छोड़ा.”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के दौरान छात्रों से बातचीत कर रहे हैं. परीक्षा से पहले छात्रों से चर्चा का यह 9वां संस्करण है. परीक्षा पे चर्चा, युवाओं के लिए तनाव मुक्त माहौल बनाने के लिए पीएम मोदी की अगुवाई वाले बड़े अभियान- ‘एग्जाम वारियर्स’ का हिस्सा है.
छात्रों के साथ बातचीत से पहले पीएम मोदी ने सभी छात्रों को असमिया ‘गमोसा’ से स्वागत किया. छात्रों को खास असमिया ‘गमोसा’ के बारे में पीएम मोदी ने कहा, “सबसे अच्छी चीज यह है कि मेरी यह सबसे प्रिय चीज है. इसकी रचना बहुत अच्छी लगती है. साथ ही यह नॉर्थ-ईस्ट, खासकर असम में महिला सशक्तिकरण का एक बेहतरीन उदाहरण है, क्योंकि महिलाएं इसे घर पर प्यार और लगन से बुनती हैं. इससे महिलाओं के प्रति बहुत आदर और सम्मान होता है. इसलिए आज इसे देने का फैसला लिया.”
पीएम मोदी ने छात्रों को पढ़ाई को लेकर बोझ नहीं समझने की बात करते हुए कहा, “शिक्षा बोझ नहीं होनी चाहिए. हमें इसमें पूरी तरह शामिल होना चाहिए. अधूरी शिक्षा जीवन को सफल नहीं बनाती. इसलिए हमें सिर्फ मार्क्स पर नहीं, बल्कि जीवन को बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए. यह क्लास रूम और एग्जाम से कहीं आगे की बात है.”
‘परीक्षा पे चर्चा’ पर छात्रों के साथ संवाद के दौरान पीएम मोदी ने एक वाकये का जिक्र किया. उन्होंने कहा, “अभी मेरे जन्मदिन पर 17 सितंबर को एक नेता ने फोन किया और कहा कि आपके 75 साल हो गए, तो मैंने उसे कहा कि 25 अभी बाकी हैं.” उन्होंने कहा, “मैं बीते हुए को नहीं, बल्कि बचे हुए को गिनता हूं.”
इंटरनेट के किफायती इस्तेमाल को लेकर सलाह देते हुए पीएम मोदी ने कहा, “सिर्फ इसलिए समय बर्बाद न करें क्योंकि भारत में इंटरनेट सस्ता है. मैंने सट्टेबाजी के खिलाफ कानून बनाया. हम ऐसा नहीं होने देंगे. लेकिन गेमिंग एक स्किल है. इसमें स्पीड भी शामिल है, इसलिए यह डेवलपमेंट के लिए अच्छा है, लेकिन बेहतर क्वालिटी की गेमिंग चुनकर अपनी एक्सपर्टीज खोजने की कोशिश करें.”
पढ़ाई के साथ-साथ हर चीज में संतुलन की बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “हर चीज में संतुलन होना चाहिए. एक तरफ झुकोगे तो गिरोगे ही गिरोगे. इसी तरह स्किल में भी 2 तरह के स्किल होते हैं. एक है लाइफ स्किल और दूसरा है प्रोफेशनल स्किल.”
उन्होंने कहा, “उसमें भी कोई मुझसे पूछेगा कि किसी पर ध्यान देना चाहिए, मैं बस यही कहूंगा कि दोनों पर ध्यान देना चाहिए. बिना अध्ययन और ऑब्जरवेशन किए और बिना ज्ञान प्रयुक्त किए कोई भी स्किल आ सकता है क्या? स्किल की शुरुआत तो ज्ञान से ही होती है, उसका महत्व कम नहीं है.”
पीएम मोदी ने टीचरों को सलाह देते हुए कहा कि टीचर का प्रयास रहना चाहिए कि छात्रों की स्पीड इतनी है, मेरी स्पीड उससे एक कदम ज्यादा रहनी चाहिए. हमारा लक्ष्य ऐसा होना चाहिए, जो पहुंच में हो, लेकिन पकड़ में न हो.

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