
नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर (External Affairs Minister S Jaishankar) ने बुधवार को भारत की ‘पड़ोसी पहले’ नीति पर जोर दिया। उन्होंने चक्रवाती तूफान दित्वाह (Cyclone Ditwah) के बाद श्रीलंका (Sri Lanka) के पुनर्निर्माण में भारत के सहयोग की प्रतिबद्धता दोहराई।
जयशंकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के दृष्टिकोण महासागर के तहत श्रीलंका की मदद के लिए सागर बंधु अभियान शुरू किया गया, क्योंकि तूफान ने वहां भारी तबाही मचाई थी। उन्होंने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि श्रीलंका की यात्रा पूरी की और चक्रवात दित्वाह के बाद पुनर्निर्माण और पुनर्वास में भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।
इसके पहले मंगलवार को जयशंकर ने श्रीलंका में भारतीय मूल के तमिल समुदाय से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने तूफान से हुए नुकसान का आकलन साझा किया और भारत के प्रस्तावित पुनर्निर्माण पैकेज पर चर्चा हुई। जयशंकर ने श्रीलंकाई तमिल नेताओं के साथ भी वार्ता की और चक्रवात के बाद के पुनर्निर्माण में भारत के प्रयासों को प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत दित्वाह के बाद पुनर्निर्माण और पुनर्वास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहा है।
उन्होंने श्रीलंका के विपक्षी नेता सजित प्रेमदासा से भी मुलाकात की और भारत की ओर से प्रस्तावित पुनर्निर्माण पैकेज पर चर्चा की। इसके अलावा, श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिथा हेरेथ के साथ प्रेस बयान में जयशंकर ने कहा कि भारत राहत सामग्री की जल्द से जल्द आपूर्ति को प्राथमिकता दे रहा है ताकि तूफान से प्रभावित लोगों की मदद तुरंत की जा सके।

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