मुंबई। भारत की ‘स्वर कोकिला’ (Vocal nightingale) लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) की आज पुण्यतिथि है. दिग्गज सिंगर को इस दुनिया को अलविदा कहे 4 साल हो गए हैं, लेकिन उनके गानों की धुन आज भी अमर है. लता मंगेशकर का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज था और उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से भी नवाजा गया था.
लता मंगेशकर भारतीय संगीत की वो अमर आवाज हैं, जिनका नाम आते ही सुर, साधना और समर्पण अपने आप याद आ जाता है. उन्हें केवल एक गायिका कहना पर्याप्त नहीं होगा, क्योंकि वे भारतीय सिनेमा और संगीत संस्कृति की आत्मा थीं.
चार दशकों से भी ज्यादा समय तक उन्होंने अपनी आवाज से करोड़ों दिलों को छुआ और सिर्फ एक जेनरेशन नहीं बल्कि कई जेनरेशन के लोगों पर अपनी आवाज से गहरी छाप छोड़ी. 28 सितंबर 1929 को इंदौर में जन्मीं लता मंगेशकर का असली नाम हेमा मंगेशकर था.
लता मंगेशकर ने 36 भारतीय भाषाओं और कुछ विदेशी भाषाओं में गाने गाकर एक अनोखा रिकॉर्ड दर्ज किया था. उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल था. वो सबसे ज्यादा गाने रिकॉर्ड करने वाली सिंगर के तौर पर शामिल थीं, लेकिन बाद में लता मंगेशकर की बहन आशा भोसले ने ही उनका रिकॉर्ड तोड़ दिया.
लता मंगेशकर को ‘नाइटिंगेल ऑफ इंडिया’ कहा जाता है. उनकी आवाज की खासियत थी कि हर उम्र के लोग उनके साथ जुड़ाव महसूस करते थे. स्वर कोकिला के सबसे बेहतरीन गानों की बात करें तो ‘लग जा गले’ का नाम जहन में सबसे पहले आता है.
फिल्म ‘वो कौन थी’ का गाना ‘लग जा गले’ से ज्यादा मशहूर भारतीय गीत शायद ही कोई हो. मदन मोहन, जिनकी प्रेरणा लता थीं, ने 1964 की फिल्म ‘वो कौन थी’ के लिए यह संगीत तैयार किया था. कई गायकों ने इस क्लासिक गीत को गाने की कोशिश की, लेकिन लता जैसे भाव कोई नहीं ला सका.
फिल्म ‘वो कौन थी’ का गाना ‘लग जा गले’ से ज्यादा मशहूर भारतीय गीत शायद ही कोई हो. मदन मोहन, जिनकी प्रेरणा लता थीं, ने 1964 की फिल्म ‘वो कौन थी’ के लिए यह संगीत तैयार किया था. कई गायकों ने इस क्लासिक गीत को गाने की कोशिश की, लेकिन लता जैसे भाव कोई नहीं ला सका.
लता मंगेशकर के कालजयी गीतों की लिस्ट में आज फिर जीने की तमन्ना (गाइड) भी शामिल है. ये गाना आज भी गली मौहल्लों के नुक्कड़ पर गूंजते सुनाई दे ही जाता है.
लता मंगेशकर के कालजयी गीतों की लिस्ट में आज फिर जीने की तमन्ना (गाइड) भी शामिल है. ये गाना आज भी गली मौहल्लों के नुक्कड़ पर गूंजते सुनाई दे ही जाता है.
रैना बीती जाए (अमर प्रेम): लता मंगेशकर की आवाज में ये गीत अमर है. आज भी इस गाने की धुन सुनते ही दिल को सुकून सा आ जाता है. एक बार सुनते ही मन बार-बार इस गाने को सुनने का करता रहता है.

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