
नई दिल्ली । बीते कुछ महीनों से गोवा में पर्यटकों (tourists in goa)की संख्या में कमी आने की खबरें सामने आ रही हैं। इसे लेकर बीते दिनों खूब वाद-विवाद(lots of debate) भी हुआ। अब गोवा के भाजपा के विधायक(Goa BJP MLA) और पूर्व मंत्री माइकल लोबो (Former minister Michael Lobo)ने गुरुवार को इसे लेकर एक दावा किया है। भाजपा नेता ने कहा है कि गोवा के पर्यटन उद्योग को राज्य में विदेशी पर्यटकों की कमी के लिए खुद को जिम्मेदार ठहराना चाहिए। उन्होंने कहा है कि गोवा का पर्यटन विभाग गोवा की संस्कृति और पारंपरिक व्यंजनों को प्रदर्शित करने में विफल रहा है और इसके बजाय उन्होंने समुद्र के किनारे ठेलों पर इडली-सांभर बेचना शुरू कर दिया है।
लोबो ने कहा, “हमें सबसे पहले यह स्वीकार करना होगा कि हमने गलती की है। हम गलती करते रहे, हमने झोपड़ियों में इडली सांभर बेचना शुरू कर दिया। इसे रोकने की जरूरत है। हम पर्यटकों को क्या बताएंगे? कि हम आपको समुद्र तट पर इडली-सांभर खिलाएंगे?” लोबो ने कहा कि वे इडली-सांभर के खिलाफ नहीं हैं लेकिन गोवा के व्यंजनों को बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा, “जो व्यंजन समुद्र तट पर परोसे जाने चाहिए, जो वहां नहीं हैं। क्या हम समुद्र तट पर हैदराबाद, महाराष्ट्र और कर्नाटक की संस्कृति दिखाने जा रहे हैं? मैंने पर्यटन विभाग से कहा है कि बंगाल, दिल्ली और हैदराबाद से खाने की चीजें बेचने आए सभी लोगों के लाइसेंस रद्द कर दिए जाने चाहिए।”
बुधवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात करने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए लोबो ने कहा कि राज्य को कचरे के निपटारे, आवारा कुत्तों और टैक्सी ऑपरेटरों के बीच झड़पों जैसे प्रमुख मुद्दों पर तत्काल रूप से ध्यान देने की जरूरत है और अगर इस पर कदम नहीं उठाए गए तो गोवा के पर्यटन क्षेत्र को अंधकारमय दिन देखने पड़ेंगे।
इससे पहले गोवा के पर्यटन मंत्री रोहन खाउंटे ने कहा था कि गोवा के बीच शैकों पर स्थानीय व्यंजन परोसना अनिवार्य बनाया जाएगा। खाउंटे ने कहा था कि लोग इन शैक में गोवा का व्यंजन खाने के लिए आते हैं और कई बार पर्यटकों से शिकायतें मिलती हैं कि वे शैक में जाते हैं और उन्हें गोवा का खाना नहीं मिल पाता। बता दें कि राज्य के पर्यटन विभाग द्वारा हाल ही में किए गए एक अभियान में पाया गया कि गोवा के समुद्र तटों पर 350 से अधिक शैक में से लगभग 110 को अवैध रूप से दूसरों को चलाने के लिए किराए पर दिया गया था।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved