
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री (PM) नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय (Deendayal Upadhyay) की पुण्यतिथि (death anniversary) पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके विचारों को देश की हर पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक बताया।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय अपने दार्शनिक सिद्धांत के लिए हैं प्रसिद्ध
पंडित दीनदयाल उपाध्याय (1916-1968) एक प्रमुख राजनीतिक चिंतक, अर्थशास्त्री और भारतीय जनसंघ के प्रमुख नेताओं में से थे। वे अपने दार्शनिक सिद्धांत ‘एकात्म मानव दर्शन’ के लिए विशेष रूप से जाने जाते हैं।
उनकी विचारधारा का मूल आधार यह था कि विकास केवल भौतिक प्रगति तक सीमित न रहकर भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित होना चाहिए। उन्होंने व्यक्ति, समाज और प्रकृति के बीच संतुलन और सामंजस्य पर जोर दिया। उनके अनुसार, आर्थिक नीतियों का लक्ष्य केवल उत्पादन और उपभोग बढ़ाना नहीं, बल्कि मानव के समग्र विकास को सुनिश्चित करना होना चाहिए। वे 1968 में अपने असामयिक निधन तक भारतीय जनसंघ का नेतृत्व करते रहे।
सर्वस्व समर्पण उस चेतना की अभिव्यक्ति है, जिसमें राष्ट्र और मानवता सर्वोपरि होती है। अंत्योदय के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने भी इसी भावना से देश के जन-जन को सशक्त बनाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।
यस्येमे हिमवन्तो महित्वा यस्य समुद्रं रसया सहाहुः।
यस्येमाः… pic.twitter.com/VPMkqiLWiq
— Narendra Modi (@narendramodi) February 11, 2026
समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति का विकास ही राष्ट्र का विकास
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें अंत्योदय और एकात्म मानववाद के प्रणेता व महान राष्ट्रचिंतक बताया। शाह ने कहा कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति का विकास ही राष्ट्र के विकास का मापदंड है और यह विचार देने वाले दीनदयाल जी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे।
कर्मयोगी और महान विचारक रहे उपाध्याय
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंब ने भी उन्हें निस्वार्थ कर्मयोगी और महान विचारक बताते हुए श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि एकात्म मानव दर्शन के माध्यम से दिया गया अंत्योदय का मंत्र समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना आज भी विकसित भारत के निर्माण की बुनियाद है। राष्ट्र सेवा और समर्पण के उनके आदर्श सदैव मार्गदर्शन करते रहेंगे।
सबका साथ, सबका विकास की भावना उनकी विचारधारा से आई
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य रहे पंडित उपाध्याय को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि सबका साथ, सबका विकास की भावना उनकी विचारधारा की जीवंत अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांव, गरीब, किसान, महिला और समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है।
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