
इंदौर। मनी लांड्रिंग एक्ट (Money Laundering Act) में घिरे आरोपी भूमाफिया दिलीप सिसौदिया (land surveyor Dilip Sisodia) ने अपने मौसा को भी ईडी के जाल में फंसा दिया। मौसा ने मद्दे की पत्नी समता से मकान खरीदा था और इस मामले में लेन-देन को लेकर मौसा अशोक पिपाड़ा निवासी न्यू रोड, रतलाम पर भी ईडी ने मनी लांड्रिंग का केस दर्ज किया। पिपाड़ा ने अग्रिम जमानत आवेदन विशेष न्यायाधीश (प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग) राकेशकुमार गोयल की अदालत में लगाया, लेकिन कोर्ट ने निरस्त कर दिया।
अशोक ने गुहार की कि उसने दिलीप सिसौदिया की पत्नी समता से गिरधर नगर का मकान विधिवत खरीदा और प्रगति विहार में भूखंड दिलीप को दिए गए ऋण के एवज में समायोजन किया। उसके खिलाफ कोई मामला नहीं बनता है, लेकिन ईडी द्वारा अशोक की ओर से पेश अग्रिम जमानत आवेदन का विरोध करते हुए तर्क में कहा गया कि आरोपी दिलीप ने कल्पतरु हाउसिंग सोसायटी के खाते से अपने बैंक खाते में सवा चार करोड़ रुपए अंतरित कर इस राशि से उक्त दो संपत्तियां खरीदी, जिन्हें कुर्की से बचाने के लिए अशोक को बेचना बताया गया है। उक्त प्रापर्टी के अंतरण में किसी प्रकार का प्रतिफल का लेन-देन नहीं हुआ है। ईडी के चालान में अशोक का नाम आरोपी के रूप में नहीं है, परंतु अनुसंधान के दौरान आरोपी दिलीप सिसौदिया द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर अशोक को भी सम्मिलित कर उसके विरुद्ध भी परिवाद पत्र प्रस्तुत किया गया है। सभी के तर्क सुनने के बाद कोर्ट ने अशोक का अग्रिम जमानत आवेदन निरस्त कर दिया।

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