
नई दिल्ली । मिडिल ईस्ट में ‘सीजफायर’ को लेकर (Regarding ‘Ceasefire’ in Middle East) अलग-अलग देशों ने मिलीजुली प्रतिक्रिया दी (Different Countries gave Mixed Reactions) । 48 घंटे की डेडलाइन खत्म होने से ठीक पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 हफ्ते के सीजफायर का ऐलान किया। रूस-स्पेन ने तंज कसा तो जर्मनी, फ्रांस, यूक्रेन, ब्रिटेन ने इसका स्वागत किया। खाड़ी देशों ने भी राहत की सांस ली ।
रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा के अनुसार, इस संघर्ष में अमेरिका-इजरायल की हार हुई है। उन्होंने कहा कि 28 फरवरी को ईरान पर “बिना उकसावे के किया गया एकतरफा आक्रामक हमले” में दोनों (यूएस-इजरायल) की “करीबी हार” हुई है। उन्होंने स्पुतनिक रेडियो पर कहा, “हमारे देश ने शुरू से ही, अपने पहले बयानों में कहा था कि इस हमले को तुरंत रोकना जरूरी है।”
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इसे “बहुत अच्छा” कदम बताया। मैक्रों ने एक्स पर कहा कि यह समझौता क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में सकारात्मक पहल है, लेकिन उन्होंने साथ ही चेतावनी दी कि लेबनान की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। उन्होंने कहा कि इस सीजफायर में लेबनान को भी शामिल किया जाना चाहिए, ताकि पूरे क्षेत्र में व्यापक और स्थायी शांति स्थापित की जा सके।
जर्मनी ने भी सीजफायर का स्वागत किया है। जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने कहा कि आने वाले दिनों में कूटनीतिक प्रयासों के जरिए जंग का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए, वहीं, यूक्रेनी विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने सीजफायर और होर्मुज स्ट्रेट के खुलने का स्वागत किया। साथ ही अमेरिका को सलाह दी कि उसे इसी तरह रूस को भी यूक्रेन के खिलाफ हमले रोकने के लिए मजबूर करना चाहिए।
स्पेनिश प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने एक्स पर सीजफायर का “अच्छी खबर” के तौर पर स्वागत किया, लेकिन कहा कि स्पेन “ दुनिया में आग लगाने वालों की इसलिए तारीफ नहीं कर सकता।” सांचेज ने डिप्लोमेसी (कूटनीति), इंटरनेशनल लीगैलिटी (अंतर्राष्ट्रीय वैधता) और पीस (शांति) की जरूरत पर बल दिया।
स्पेन के विदेश मंत्री ने ईरान में सीजफायर, लेकिन लेबनान में हमले जारी रखने के इजरायली रवैए की आलोचना की। उन्होंने कहा कि दो हफ्ते के सीजफायर पर सहमति के बाद भी इजरायल ने लेबनान में अपना जमीनी कैंपेन जारी रखने का दावा किया। “इसे मंजूर नहीं” किया जा सकता है।
जोस मैनुअल अल्बेरेस ने पब्लिक रेडियो आरएनई को बताया, “सभी फ्रंट खत्म होने चाहिए, और सभी फ्रंट का मतलब लेबनान भी है।” यूके के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने उम्मीद जताई कि सीजफायर ‘इलाके और दुनिया के लिए राहत का पल लाएगा।’
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