
एसडीएम के पत्र के बाद भी निगम बेपरवाह ,महू के श्मशान की जनसुनवाई की शिकायतें ठंडे बस्ते में
इंदौर। डॉ. आंबेडकर नगर (महू) (Dr. Ambedkar Nagar (Mhow)) क्षेत्र के श्मशान घाट (graveyard) की बदहाल स्थिति को लेकर प्रशासनिक संवेदनहीनता एक बार फिर सामने आई है। श्मशान परिसर में न तो पर्याप्त साफ-सफाई है और न ही शवों की सुरक्षा (Protection of corpses) की कोई ठोस व्यवस्था। हालात इतने गंभीर हैं कि आवारा कुत्ते लकड़ी और कंडों की कमी के चलते अधजले पड़े शवों को नोंचते नजर आ आते हैं, जिससे क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश है। एसडीएम, एडीएम के निर्देश के बावजूद भी नप सुनवाई ही नहीं कर रहा है।
स्थानीय निवासी रोहित वर्मा ने जनसुनवाई में इस गंभीर समस्या को उठाया था। शिकायत में बताया गया कि श्मशान घाट में पानी की टंकी क्षतिग्रस्त है, परिसर में गंदगी फैली हुई है और शवों की देखरेख के लिए कोई जिम्मेदार व्यक्ति तैनात नहीं है। इसके चलते सामाजिक और मानवीय मर्यादाओं का खुला उल्लंघन हो रहा है। लकड़ी और कंडों की व्यवस्था नहीं होने और कमी के चलते शव अधजले ही रह जाते हैं। कोई बाउंड्रीवॉल नहीं होने के कारण पूरे परिसर में जानवरों का कब्जा रहता है।
पत्र सिर्फ दिखावा
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम महू ने मुख्य नप अधिकारी को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। पत्र में श्मशान घाट में नियमित सफाई, एक जिम्मेदार कर्मचारी की नियुक्ति, संपर्क नंबर प्रदर्शित करने, स्नान व दाह संस्कार के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा श्मशान परिसर को सुरक्षित करने की बात स्पष्ट रूप से कही गई थी। इसके बाबजूद जिम्मेदारों ने सिर्फ दिखावा किया है। जनसुनवाई में की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए एडीएम के निर्देशों के बाद भी नगर परिषद द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। न तो सुरक्षा के इंतजाम हुए और न ही व्यवस्थाओं में कोई सुधार नजर आया। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

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