
नई दिल्ली । अमेरिकी राष्ट्रपति(us President) डोनाल्ड ट्रंप(donald trump) ने गुरुवार को अपना यह दावा एक बार फिर दोहराया कि उन्होंने ही भारत(India) और पाकिस्तान(Pakistan) के बीच सैन्य संघर्ष रुकवाया, क्योंकि यह परमाणु युद्ध में तब्दील हो सकता था। हालांकि, भारत ने साफ कर दिया है कि दोनों मुल्कों के बीच संघर्ष विराम पाकिस्तान के अनुरोध पर हुआ है और इसमें किसी तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं थी।
‘ओवल ऑफिस (राष्ट्रपति कार्यालय)’ में दिए अपने भाषण में ट्रंप ने कहा, ‘अगर आप पाकिस्तान और भारत को देखें… तो विमान हवा में ही गिरा दिए जा रहे थे। छह-सात विमान नीचे गिरे। वे आगे बढ़ने, शायद परमाणु बम की ओर बढ़ने को तैयार थे। हमने इसे हल किया।’
अमेरिकी राष्ट्रपति की यह टिप्पणी शुक्रवार को अलास्का में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ उनकी बैठक की पूर्व संध्या पर आई है, जिसमें वह यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए दोनों पक्षों के बीच शांति समझौते की शर्तों पर चर्चा करेंगे।
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने सोचा था कि रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त करना ‘सबसे आसान’ होगा, लेकिन ‘यह वास्तव में सबसे कठिन’ है। ट्रंप ने पुतिन के साथ अपनी आगामी बैठक के बारे में कहा, ‘मुझे लगता है कि यह एक अच्छी बैठक होगी।’
पहले भी कर चुके हैं दावा
जुलाई में व्हाइट हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने कहा था, ‘हमने भारत और पाकिस्तान तथा कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और रवांडा के बीच युद्ध रुकवाए।’ ट्रंप ने यह भी दावा किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष परमाणु युद्ध में तब्दील हो सकता था।
भारत पाकिस्तान को लेकर उन्होंने कहा, ‘उन्होंने पांच विमान मार गिराए।… मैंने उन्हें फोन किया और कहा, ‘सुनो, अब और व्यापार नहीं। अगर आप ऐसा करेंगे तो इससे आपका कोई भला नहीं होगा।’ … वे दोनों शक्तिशाली परमाणु संपन्न देश हैं और कौन जानता है कि इसका क्या नतीजा होता। मैंने इसे रुकवा दिया।’
ट्रंप ने कई बार दावा किया है कि उन्होंने व्यापार के माध्यम से भारत एवं पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव को रुकवाया है। उन्होंने जुलाई में पहली बार कहा था कि लड़ाई के दौरान ‘पांच विमान मार गिराए गए थे।’
ट्रंप ने 10 मई को सोशल मीडिया के जरिए घोषणा की थी कि भारत और पाकिस्तान वाशिंगटन की मध्यस्थता में हुई बातचीत के बाद ‘पूर्ण और तत्काल संघर्ष विराम’ पर सहमत हो गए हैं। इसके बाद से उन्होंने विभिन्न अवसरों पर एक दर्जन से अधिक बार अपना यह दावा दोहराया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को ‘सुलझाने में मदद’ की।
भारत का जवाब
अनुसार, जुलाई में ही भारत विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को बताया था कि पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशक (DGMO) ने 10 मई को अपने भारतीय समकक्ष से गोलीबारी और सैन्य गतिविधियां रोकने का अनुरोध किया था, जिस पर उसी दिन बाद में सहमति बनी थी। भारत ने कहा कि यह सहमति दोनों डीजीएमओ के बीच सीधे तौर पर बनी थी।
इससे एक दिन पहले, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आपरेशन सिंदूर पर उच्च सदन में हुई विशेष चर्चा का जवाब देते हुए कहा था, ‘ऑपरेशन सिंदूर किसी के कहने पर नहीं रोका गया। पाकिस्तान घुटनों के बल आ गया और वहां के डीजीएमओ ने कॉल करके कहा…’बहुत हो गया, अब कृपया इसे रोक दीजिए’।’

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