
नई दिल्ली । डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) हमेशा चौंकाने वाले फैसले लेते रहे हैं। पहले उन्होंने चौंकाते हुए ही भारत (India) पर टैरिफ (Tariff) लाद दिए थे और आज अचानक ही उन्होंने सोशल मीडिया (Social media) पर एक पोस्ट करते हुए इन्हें कम करने का ऐलान किया। डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए जानकारी दी कि अब भारतीय आयात पर 18 फीसदी का ही टैरिफ लगेगा। इस संबंध में पीएम नरेंद्र मोदी से बातचीत के बाद ट्रंप ने ऐलान किया है और इसकी पुष्टि खुद प्रधानमंत्री ने भी एक्स पर एक पोस्ट में की है। ट्रंप ने लिखा कि मेरी आज सुबह पीएम नरेंद्र मोदी से बात हुई। वह मेरे सबसे अच्छे दोस्तों में से एक हैं और वह अपने देश के ताकतवर एवं सम्मानित नेता हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी पोस्ट में टैरिफ घटाने की जानकारी बाद में दी है, लेकिन उससे पहले यह बताया है कि आखिर यह डील संभव कैसे हुई। उन्होंने दावा किया कि पीएम नरेंद्र मोदी से मेरी कई मसलों पर बात हुई, जैसे ट्रेड और रूस एवं यूक्रेन युद्ध। ट्रंप लिखते हैं, ‘पीएम मोदी ने रूस से तेल की खरीद रोकने पर सहमति जताई है। इसके अलावा अमेरिका और शायद वेनेजुएला के तेल की अधिक खरीद पर भी सहमति व्यक्त की है। इससे यूक्रेन में जंग को खत्म करने में मदद मिलेगी। जहां हर दिन और हर सप्ताह हजारों लोग मारे जा रहे हैं। पीएम मोदी के प्रति सम्मान और दोस्ती को देखते हुए हम तत्काल भारत के साथ एक ट्रेड डील कर रहे हैं। इसके तहत भारत पर लगने वाले टैरिफ को 25 फीसदी की बजाय 18 पर्सेंट किया जाएगा। भारत ने अमेरिकी उत्पादों की भी बड़े पैमाने पर खरीद को लेकर सहमति जताई है।’
PM मोदी के ट्वीट में भी डोनाल्ड ट्रंप वाले संकेत
इसके बाद हम पीएम नरेंद्र मोदी का जो ट्वीट देखते हैं, उसमें खुलकर तो यूक्रेन और रूस का जिक्र नहीं किया गया है, लेकिन संकेत उसी दिशा में हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा टैरिफ घटाने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप को धन्यवाद दिया है। इसके अलावा उन्होंने ट्रंप के नेतृत्व को वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए जरूरी बताया है। वह लिखते हैं कि भारत डोनाल्ड ट्रंप के शांति के लिए प्रयासों के साथ है। वह लिखते हैं कि हम अपनी साझेदारी को नई ऊंचाई तक ले जाएंगे और इसके लिए हम डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के साथ काम करने के लिए तत्पर हैं।
चाबहार पर बजट ना देने को क्यों इस फैसले से जोड़ा जा रहा?
इस फैसले के अलावा एक और मामला है, जिसे अमेरिका और भारत के सुधरते रिश्तों की कड़ी में देखा जा रहा है। दरअसल आम बजट में भारत ने इस बार रणनीतिक रूप से बेहद अहम चाबहार पोर्ट के लिए राशि आवंटित नहीं की है। माना जा रहा है कि अमेरिका की ओर से इस संबंध में अप्रैल 2026 तक का समय दिया गया था। भारत ने उसी के चलते ऐसा किया है। हालांकि भारत की ओर से इस संबंध में आधिकारिक तौर पर कुछ कहा नहीं गया है। यह जरूर कहा जा रहा है कि भारत की ओर से पहले ही चाबहार के लिए बड़ी फंडिंग जारी की जा चुकी है, इसलिए नए बजट में ऐसा करने की जरूरत नहीं थी। फिर भी इस फैसले को अमेरिका से जोड़कर देखा जा रहा है।
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