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अमेरिकी कोर्ट से झटके के बाद डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा एक्शन, सभी देशों पर लगाया 10% टैरिफ

February 21, 2026

नई दिल्ली. अमेरिकी राष्ट्रपति (US President) डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने अपनी व्यापारिक नीतियों को लेकर न्यायपालिका (Judiciary) के साथ आर-पार की जंग छेड़ दी है. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) द्वारा उनके पुराने टैरिफ को अवैध घोषित किए जाने के महज कुछ ही घंटों के भीतर ट्रंप ने ओवल ऑफिस से एक नए कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. इसके तहत अब दुनिया के सभी देशों से आने वाले आयात पर 10% का वैश्विक टैरिफ लगाया जाएगा.

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, ‘मुझे यह बताते हुए गर्व हो रहा है कि मैंने ओवल ऑफिस से सभी देशों पर 10% वैश्विक टैरिफ पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, जो लगभग तुरंत प्रभाव से लागू होगा.’


  • इससे पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि वह 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 122 के तहत 10% वैश्विक टैरिफ लगाने का आदेश देंगे, जो मौजूदा टैरिफ के अतिरिक्त होगा. उन्होंने यह भी कहा, ‘मैं इससे कहीं अधिक भी शुल्क लगा सकता हूं.’

    150 दिनों के लिए लागू रहेगा टैरिफ
    बता दें कि ट्रेड एक्ट की धारा 122 के तहत लगाया गया यह टैरिफ लगभग पांच महीने (150 दिन) तक प्रभावी रहेगा. इस दौरान प्रशासन अन्य देशों पर उचित टैरिफ तय करने के लिए आवश्यक जांच करेगा. ट्रंप ने संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर शुल्क बढ़ाया भी जा सकता है. उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा था, ‘हम जो चाहें कर सकते हैं. दरें संभावित रूप से अधिक भी हो सकती हैं.’

    बता दें कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के फैसले में 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत बिना कांग्रेस की मंजूरी टैरिफ लगाने के राष्ट्रपति के अधिकार को खारिज कर दिया था. ट्रंप ने इस फैसले को बेहद निराशाजनक बताया और कहा कि उन्हें अदालत के कुछ सदस्यों पर शर्म आती है.

    हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि IEEPA के तहत रोक का मतलब यह नहीं है कि उनके पास अन्य कानूनी विकल्प नहीं हैं. उन्होंने कहा, ‘मैं व्यापार को नष्ट कर सकता हूं, मैं किसी देश पर प्रतिबंध लगा सकता हूं. मैं बहुत कुछ कर सकता हूं, लेकिन 1 डॉलर का शुल्क (टैरिफ) नहीं लगा सकता? यह कितना हास्यास्पद है?’

    ट्रंप ने न्यायाधीश ब्रेट कवानॉघ के असहमति नोट का हवाला देते हुए कहा कि भविष्य में राष्ट्रपति की टैरिफ शक्तियां सीमित नहीं होंगी.

    सेक्शन 232 और 301 के तहत भी कार्रवाई
    ट्रंप प्रशासन ने संकेत दिया है कि धारा 232 (राष्ट्रीय सुरक्षा आधार) और धारा 301 (अनुचित व्यापार प्रथाएं) के तहत भी नए टैरिफ लगाए जा सकते हैं. ट्रंप ने कहा कि कुछ देश, जिन्होंने सालों से अमेरिका के साथ बुरा व्यवहार किया है, उन्हें अधिक दरों का सामना करना पड़ सकता है, जबकि अन्य देशों के लिए बहुत उचित व्यवहार होगा.

    वहीं अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने कहा कि धारा 301 के तहत नई जांचों का विवरण आने वाले दिनों में जारी किया जाएगा और ये कानूनी रूप से मजबूत होंगी.

    वसूले गए टैरिफ को वापस करने पर क्या बोले ट्रंप?
    सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पिछले वर्ष वसूले गए लगभग 175 अरब डॉलर के टैरिफ राजस्व पर अनिश्चितता पैदा हो गई है. रिपोर्टों के मुताबिक, यह राशि संभावित रिफंड के दायरे में आ सकती है. जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या आपातकालीन कानून के तहत वसूले गए शुल्क वापस किए जाएंगे, तो उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि यह मामला अगले दो साल तक मुकदमेबाजी में रहेगा.’

    वहीं ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि अदालत ने रिफंड पर स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं दिए हैं और यह मुद्दा अभी विवाद में है. हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि धारा 122, 232 और 301 के तहत नए कदमों से 2026 में टैरिफ राजस्व लगभग अपरिवर्तित रह सकता है.

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