
बेंगलुरु । डॉ. सुधा यादव (Dr. Sudha Yadav) ने कर्नाटक की 20वीं राज्यपाल के रूप में (As 20th Governor of Karnataka) शपथ ली (Took Oath) । वह राज्य में इस संवैधानिक पद को संभालने वाली दूसरी महिला हैं। इनसे पहले वी.एस. रमादेवी ने 1999 से 2002 तक राज्यपाल के रूप में कार्य किया था।
कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश विभु बखरू ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर और अन्य व्यक्तियों की उपस्थिति में सुधा यादव को पद की शपथ दिलाई। इस समारोह में विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक, विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाडी नारायणस्वामी और निवर्तमान राज्यपाल थावरचंद गहलोत भी मौजूद थे। शपथ ग्रहण समारोह से पहले सुधा यादव ने बेंगलुरु में राष्ट्रीय सैन्य स्मारक (नेशनल मिलिट्री मेमोरियल) पर पुष्पांजलि अर्पित की। समारोह के बाद गहलोत ने नई राज्यपाल का अभिनंदन किया, जबकि मुख्यमंत्री शिवकुमार ने उन्हें फूलों का गुलदस्ता भेंट किया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 12 अक्टूबर को सुधा यादव को कर्नाटक का राज्यपाल नियुक्त किया था। गहलोत 21 जुलाई, 2021 से कर्नाटक के राज्यपाल के रूप में कार्यरत थे। सुधा यादव हरियाणा से हैं और उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। वह 1999 से 2004 तक महेंद्रगढ़ से सांसद रहीं और बाद में भाजपा की राष्ट्रीय सचिव का पद संभाला। उन्होंने पार्टी के ‘अन्य पिछड़ा वर्ग’ (ओबीसी) मोर्चे का नेतृत्व भी किया है।
सुधा यादव 2019 से 2022 तक राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (एनसीबीसी) की सदस्य थीं। अगस्त 2022 में उन्हें भाजपा के संसदीय बोर्ड में शामिल किया गया, जो पार्टी की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था है। सुधा यादव के पास रसायन विज्ञान में स्नातकोत्तर (पोस्टग्रेजुएट) डिग्री है और उन्होंने रुड़की विश्वविद्यालय से पीएचडी की है। उन्होंने अपने पति सुखबीर सिंह यादव की मृत्यु के बाद राजनीति में कदम रखा। उनके पति सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में डिप्टी कमांडेंट थे और 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान शहीद हो गए थे। सुधा यादव की नियुक्ति कर्नाटक में राज्यपालों की नियुक्ति के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, क्योंकि राज्य को अपनी दूसरी महिला राज्यपाल मिली हैं।
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