
गंगटोक । दुष्यंत कुमार गौतम (Dushyant Kumar Gautam) ने सिक्किम के राज्यपाल के रूप में शपथ ली (Took Oath as Governor of Sikkim) ।
सिक्किम के नवनियुक्त राज्यपाल दुष्यंत कुमार गौतम के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग, कैबिनेट मंत्री, सिक्किम से लोकसभा सांसद इंद्र हंग सुब्बा, दार्जिलिंग से लोकसभा सांसद राजू बिष्ट और सिक्किम के विधायक मौजूद थे। सिक्किम के लोक भवन में सोमवार को शपथ ग्रहण समारोह रखा गया। यहां सिक्किम उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ए. मुहम्मद मुस्ताक ने दुष्यंत कुमार गौतम को राज्य के राज्यपाल के रूप में शपथ दिलाई। दुष्यंत कुमार गौतम रविवार को गंगटोक के बुरतुक हेलीपैड पहुंचे थे। राज्य के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग, सिक्किम विधानसभा की उपाध्यक्ष राजकुमारी थापा, मंत्रिपरिषद के सदस्यों, विधायकों, गंगटोक नगर निगम के मेयर और पार्षदों, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकारों, अन्य सलाहकारों, अध्यक्षों, विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने उनका किया था।
सिक्किम के राज्यपाल नियुक्त किए गए दुष्यंत गौतम, भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव और पार्टी के अनुसूचित जाति मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। वे दिल्ली नगर निगम में पार्षद और राज्यसभा सदस्य के रूप में भी काम कर चुके हैं। ये नियुक्तियां छह राज्यों में किए गए बड़े फेरबदल का हिस्सा हैं, जिसके तहत सिक्किम और केरल के राज्यपालों को क्रमशः केरल और तमिलनाडु में स्थानांतरित किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 13 अक्टूबर को चार राज्यों में नए राज्यपाल नियुक्त किए थे। इनमें सुधा यादव को कर्नाटक की राज्यपाल, ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड के राज्यपाल, ब्रज मोहन राम को ओडिशा के राज्यपाल और दुष्यंत गौतम को सिक्किम के राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया गया था। कर्नाटक की राज्यपाल बनीं सुधा यादव, हरियाणा के महेंद्रगढ़ से पूर्व लोकसभा सांसद हैं। वे भाजपा संसदीय बोर्ड की सदस्य रहीं और 2019 से 2022 तक राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य भी रहीं।
उत्तराखंड के राज्यपाल नियुक्त किए गए ढाल सिंह बिसेन, मध्य प्रदेश के बालाघाट से पूर्व लोकसभा सांसद हैं। वह मध्य प्रदेश सरकार में विधायक और कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। उन्होंने स्कूली शिक्षा, वन, परिवहन और खनन जैसे विभागों की जिम्मेदारी संभाली थी। उन्होंने मध्य प्रदेश के चौथे राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया। धोबी समुदाय से आने वाले दलित नेता ब्रज मोहन राम को ओडिशा का राज्यपाल नियुक्त किया गया। वह झारखंड से पूर्व सांसद हैं, जिन्होंने लोकसभा में लगातार तीन बार (1996, 1998 और 1999 में चुनाव जीतकर) पलामू का प्रतिनिधित्व किया था। वह अविभाजित बिहार में विधायक भी रह चुके हैं।
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