
रांची । झारखंड जीएसटी घोटाले (Jharkhand GST scam) में ईडी (ED) ने बड़ा ऐक्शन लिया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक बड़े जीएसटी फर्जीवाड़ा सिंडिकेट (GST fraud syndicate) के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज करते हुए कोलकाता और हावड़ा में 15.41 करोड़ की 10 अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से जब्त कर ली हैं। धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के तहत जब्त की गईं ये संपत्तियां सिंडिकेट के मुख्य सरगनाओं में से एक अमित गुप्ता और उनके सहयोगियों से संबंधित हैं।
ईडी ने यह जांच जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय (डीजीसीआई) जमशेदपुर की कई शिकायतों के आधार पर शुरू की थी। यह सिंडिकेट मुख्य रूप से शिव कुमार देवरा, अमित गुप्ता, सुमित गुप्ता और अमित अग्रवाल उर्फ विक्की भलोटिया के नेतृत्व में चल रहा था।
संपत्ति छिपाने का प्रयास
ईडी ने जांच में पाया है कि अमित गुप्ता, जो सिंडिकेट के प्राथमिक वित्तीय प्रबंधक के रूप में कार्य कर रहा था, ने इस अवैध आय को कई अचल संपत्तियों को खरीदने में लगाया। ईडी ने यह भी खुलासा किया कि डीजीसीआई द्वारा जांच शुरू किए जाने के बाद अमित गुप्ता ने जानबूझकर इन संपत्तियों को अपने रिश्तेदारों और सहयोगियों को हस्तांतरित करके छिपाने का प्रयास किया था। इससे पहले, ईडी ने 08 मई को तलाशी अभियान चलाया था, जिसके बाद मुख्य सरगनाओं-शिव कुमार देवरा, मोहित देवरा, अमित गुप्ता और अमित अग्रवाल उर्फ विक्की भलोटिया को गिरफ्तार किया गया था। ये सभी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
ईडी ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ माननीय विशेष पीएमएलए कोर्ट, रांची में पहले ही अभियोजन शिकायत दाखिल कर दी है, जिस पर कोर्ट ने संज्ञान ले लिया है। ईडी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि यह कार्रवाई सिंडिकेट की अवैध कमाई को जब्त करने के चल रहे प्रयासों की एक कड़ी है। इससे पहले तीन जुलाई को सिंडिकेट प्रमुख शिव कुमार देवरा की 5.29 करोड़ की संपत्ति भी जब्त की गई थी। 15.41 करोड़ की यह नई जब्ती, अपराध की आय का पता लगाने और उसे जब्त करने के लिए जारी गहन जांच का हिस्सा है। मामले में आगे की जांच जारी है।
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