वाशिंगटन। अमेरिका में जेफ्री एपस्टीन केस (Jeffrey Epstein case) से जुड़ी फाइलों को लेकर एक नया विवाद उत्पन्न हो गया है। हाल ही में अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने तीन मिलियन से अधिक फाइलें सार्वजनिक कीं, जिनमें गंभीर चूक सामने आई है। इन फाइलों में पीड़ितों के नाम बिना संपादित किए हुए थे, जिससे उनकी निजता खतरे में पड़ गई। वकीलों ने इसे “अनफोल्डिंग इमरजेंसी” (उभरती हुई आपात स्थिति) करार दिया और सरकार से तत्काल वेबसाइट बंद करने की मांग की है।
मैनहट्टन के फेडरल जज रिचर्ड एम बर्मन ने इस मामले की सुनवाई 4 फरवरी (बुधवार) के लिए निर्धारित की है। जज बर्मन ने कहा कि वे मामले की गंभीरता को समझते हैं, लेकिन उन्हें यकीन नहीं है कि वे इस मुद्दे में कितनी मदद कर सकते हैं।
क्या था विवाद?
न्यायाधीशों को भेजे गए एक पत्र में फ्लोरिडा की कानूनी फर्म एडवर्ड्स हेंडरसन के वकील ब्रैड एडवर्ड्स और ब्रिटनी हेंडरसन ने उन दस्तावेजों का जिक्र किया, जिसमें 32 नाबालिग पीड़ितों के नाम प्रकाशित थे। इनमें से केवल एक नाम को हटाया गया था, जबकि बाकी के नाम स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे थे। इसके अलावा, एक अन्य महिला ने आरोप लगाया कि उसका पूरा पता भी फाइलों में प्रकाशित कर दिया गया था। इसी वजह से वकीलों ने इन फाइलों को सार्वजनिक करने वाली सरकारी वेबसाइट को तुरंत हटाने की अपील की है।
इस मामले के सामने आने के बाद, न्यूयॉर्क टाइम्स ने रिपोर्ट किया कि कई नग्न तस्वीरों में लोगों के चेहरे दिखाए गए थे, जिनमें से कुछ को बाद में हटा दिया गया या संपादित किया गया। न्याय विभाग ने इस मुद्दे पर दिन-रात काम करने का दावा किया है और बताया कि वह इन फाइलों में और सुधार करने के प्रयास कर रहे हैं।
राष्ट्रपति ट्रंप की टिप्पणी
एपस्टीन फाइलों के सार्वजनिक होने के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहली बार सार्वजनिक रूप से टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “मैंने खुद ये फाइलें नहीं देखीं, लेकिन कई महत्वपूर्ण लोगों ने मुझे बताया कि यह न केवल मुझे निर्दोष साबित करता है, बल्कि यह उन वामपंथी लोगों की उम्मीदों के बिलकुल विपरीत है।”
दस्तावेजों में क्या है?
सरकारी वेबसाइट पर पोस्ट की गई फाइलों में एपस्टीन की माउंटबेटन-विंडसर परिवार से दोस्ती, ट्रंप के पूर्व सलाहकार स्टीव बैनन, न्यूयॉर्क जायंट्स के सह-मालिक स्टीव टिस्क, और अरबपतियों बिल गेट्स और एलन मस्क के साथ ईमेल पत्राचार भी शामिल हैं। इन फाइलों के सामने आने के बाद अमेरिका में एक नया राजनीतिक और कानूनी संकट खड़ा हो गया है।
अब जज रिचर्ड एम बर्मन मामले की सुनवाई करेंगे, और यह देखना होगा कि वे इस विवाद को किस दिशा में ले जाते हैं।
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