
डेस्क: एक महीने पहले अमेरिका (America) और इजराइल (Israel) द्वारा ईरान (Iran) के परमाणु स्थलों पर की गई सैन्य कार्रवाई (Military Action) के बाद पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है. हालांकि अब हालात में नया मोड़ आता हुआ दिख रहा है. ईरान और तीन प्रमुख यूरोपीय शक्तियों—ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी के बीच इस्तांबुल में इस शुक्रवार को परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत का नया दौर शुरू होने जा रहा है.
ईरान के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि यह वार्ता यूरोपीय देशों के अनुरोध पर की जा रही है. वे चाहते हैं कि तेहरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर पारदर्शिता बरते और अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण के लिए सहमत हो. हालांकि ईरान कभी इस मांग के लिए सीधे तौर पर राजी नहीं हुआ है. पिछले कई हफ्तों से यूरोपीय देशों ने ईरान को चेतावनी दी थी कि यदि वह बातचीत की मेज पर नहीं लौटता तो संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध फिर से लगाए जा सकते हैं.
इधर यूरोपीय देश ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर उससे बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर खामेनेई के वरिष्ठ सहयोगी रूस जाकर व्लादिमीर पुतिन से मीटिंग कर रहे हैं. याद दिला दें कि जब इजरायल-ईरान के बीच युद्ध चल रहा था, तो आखिरी दौर में रूस पूरी तरह से ईरान के समर्थन में आ गया था और चीन भी इसमें उसका साथ देने लगा था.
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