
इन्दौर। भागीरथपुरा में दूषित पानी से कई लोगों की मौत के बाद नगर निगम का अमला आज भी वहां सक्रिय रहा और कई गली-मोहल्लों में नर्मदा और ड्रेनेज लाइनों के कनेक्शन चेक करने के लिए सडक़ें खोदना जारी थी। पानी की रिपोर्ट मिलने और उसमें ड्रेनेज की लाइनों का पानी मिलने की पुष्टि होने के बाद निगम का यह अभियान अब बड़े पैमाने पर शुरू किया गया है। निगम ने जो भी नए संसाधन खरीदे थे, सारे के सारे भागीरथपुरा में झोंक दिए गए।

भागीरथपुरा में हुई घटना के बाद नगर निगम और नर्मदा प्रोजेक्ट के अफसरों ने कई गलियों से बड़े पैमाने पर पानी के सैम्पल लिए थे, जो जांच के लिए मेडिकल कालेज की लैब सहित कई अन्य स्थानों पर भेजे गए थे। इनकी रिपोर्ट मिलने के बाद उस पानी में ड्रेनेज के पानी की पुष्टि हुई है, जिसके चलते आज सुबह नगर निगम के कई अधिकारी फिर क्षेत्र में पहुंचे और कई लाइनों को जांचने का अभियान बड़े पैमाने पर शुरू किया।

नगर निगम के अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया ने क्षेत्र में दौरा करने के साथ-साथ अफसरों को कहा कि जिन क्षेत्रों में वर्षों पुरानी लाइनें हैं, वहां ड्रेनेज और नर्मदा की लाइनें चेक की जाएं, ताकि वहां भी यह स्थिति पता चल सके कि पानी मिक्स तो नहीं हो रहा है। इसी के चलते नर्मदा प्रोजेक्ट और ड्रेनेज विभाग की टीम ने भागीरथपुरा की कई गलियों में लाइनें चेक करने के लिए अलग-अलग हिस्सों में सडक़ें खोदीं और वहां कुछ जगह सुधार कार्य भी शुरू किए हैं, क्योंकि कई जगह क्षेत्र में वर्षों पुरानी लाइनें हैं। कुछ लाइनें पूरी तरह सड़ चुकी थीं, जिनकी जगह दूसरी लाइनें बिछाने के काम शुरू कराए गए हैं। आज फिर निगम का पूरा अमला संसाधनों के साथ क्षेत्र में पहुंचा और ड्रेनेज सफाई के लिए मिली कई अत्याधुनिक गाडिय़ां भी वहां लगाई गई थीं।
भागीरथपुरा क्षेत्र में नालों के आसपास की लाइनों की जांच
भागीरथपुरा क्षेत्र में मुख्य मार्ग की गलियों में लाइनों की छानबीन के साथ-साथ नर्मदा प्रोजेक्ट और ड्रेनेज विभाग की टीम आसपास के नाले वाले हिस्सों में भी लाइनों की जांच करने में जुटी है। सुबह भागीरथपुरा के टावर क्षेत्र से लेकर नाले के आसपास बने मकानों में नर्मदा लाइनों के कनेक्शन देखे गए, ताकि यह पता लग सके कि वहां किसी प्रकार के लीकेज तो नहीं हैं। कई अधिकारी मौके पर लाइनों की खुदाई करवा रहे थे और खुद टीमें लेकर जांच कर रहे थे। आज भी कई क्षेत्रों में निगम की टीमें पानी उबालकर पीने की मुनादी करती रहीं और इसके साथ ही कई जगह पानी के सैम्पल लेने का सिलसिला आज भी जारी रहा।
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