
जबलपुर। जिले के बरगी परिक्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम सगड़ा-झपनी के पास रविवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ बरगी बांध की दाईं तट नहर की पाल अचानक धंस गई, जिससे नहर का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। दोपहर लगभग 12 बजे हुई इस घटना के बाद नहर का पानी तेज बहाव के साथ आसपास के खेतों में जा घुसा, जिससे खड़ी फसलें पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं। हालांकि, प्रशासन की मुस्तैदी से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है और स्थिति अब नियंत्रण में बताई जा रही है।
त्वरित कार्रवाई से टला बड़ा खतरा
नहर टूटने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और बरगी बांध प्रबंधन सक्रिय हो गया। अनुविभागीय राजस्व अधिकारी अभिषेक सिंह और दाईं तट नहर की कार्यपालन यंत्री श्रीमती श्रद्धा बंसोडकर तकनीकी टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुँचे। स्थिति को संभालने के लिए बांध से पानी की निकासी को तुरंत रुकवा दिया गया और क्षतिग्रस्त हिस्से के आगे के सभी गेट खोल दिए गए ताकि पानी का दबाव कम हो सके। शाम तक नहर की तलहटी दिखाई देने लगी थी। राहत की बात यह रही कि अधिकतम पानी नर्रई नाला के माध्यम से निकल गया, जिससे बस्तियों में पानी नहीं भरा। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने सगड़ा-झपनी, बम्हनोदा, रोसरा, चारघाट, पिपरियाकला और घाना जैसे प्रभावित क्षेत्रों में मुनादी करवाकर लोगों को सतर्क कर दिया था।
मंत्री राकेश सिंह और कलेक्टर के सख्त निर्देश
घटना की गंभीरता को देखते हुए लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने जिला कलेक्टर से चर्चा की और निर्देश दिए कि जिन किसानों के खेतों में पानी भरा है, उनका तत्काल सर्वे कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्वे का प्रतिवेदन शीघ्र सरकार को भेजा जाए ताकि प्रभावित किसानों को मुआवजा मिल सके। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम को फसलों के नुकसान का आकलन करने के लिए तैनात कर दिया गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर किसानों को उचित राहत राशि प्रदान की जाएगी।
ग्रामीणों का आक्रोश और अधिकारियों की प्रतिक्रिया
एक ओर जहाँ प्रशासन राहत कार्य में जुटा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय किसानों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि नहर लंबे समय से जर्जर अवस्था में थी और इसकी शिकायत कई बार विभागीय अधिकारियों से की गई थी, लेकिन समय रहते ध्यान नहीं दिया गया। किसानों ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
आज से शुरू होगा मरम्मत कार्य
कार्यपालन यंत्री श्रद्धा बंसोडकर के अनुसार, मरम्मत के लिए आवश्यक मशीनरी और सामग्री मौके पर पहुँचा दी गई है। सोमवार सुबह से नहर के क्षतिग्रस्त हिस्से को दुरुस्त करने का कार्य युद्ध स्तर पर प्रारंभ कर दिया जाएगा। फिलहाल मौके पर पुलिस, प्रशासन और बांध प्रबंधन के अधिकारी स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved