
लखनऊ। आज यूपी विधानमंडल सत्र का दूसरा दिन है। अब से कुछ ही देर बाद विधानसभा में प्रदेश के वित्तमंत्री सुरेश कुमार खन्ना 2021-22 का पहला अनुपूरक बजट पेश करेंगे। इसे अगले छह महीने में पूरे होने वाले अधूरे प्रोजेक्ट व यथासंभव अधूरे वादों को पूरा करने के लिए आवश्यक बजट बंदोबस्त तक केंद्रित रखने की संभावना है। ऐसे में खजाने की मालीहालत को देखते हुए इस बजट का आकार 10,000 करोड़ के आसपास सिमट सकता है।
सूत्रों ने बताया कि विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रशासकीय विभागों ने कई नई योजनाओं, पूर्व की योजनाओं व कार्यक्रमों के लिए अतिरिक्त राशि की मांग की थी। इसके लिए करीब 35 हजार करोड़ के बजट के प्रस्ताव तैयार हुए। मगर, उच्च स्तर पर चर्चा के बाद वित्तीय अनुशासन पर सख्ती से अमल के साथ ऐसे प्रस्ताव लाने पर सहमति बनी जो विधानसभा चुनाव से पूर्व पूरी या क्रियान्वित हो सकें।
अनुपूरक में छह महीने में पूरे होने वाले एक्सप्रेस के लिए आवश्यक बजट बंदोबस्त के साथ पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए गाजीपुर-बलिया लिंक एक्सप्रेस-वे का एलान हो सकता है। अयोध्या व वाराणसी से जुड़े प्रोजेक्ट के साथ चिकित्सा स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, संस्कृति, पर्यटन, किसानों व श्रमिकों, कोविड से प्रभावित कार्मिकों व मिशन शक्ति से संबंधित योजनाओं व कार्यक्रमों के लिए अतिरिक्त बजट मिलने की पूरी उम्मीद है। धान खरीद के लिए आवश्यक धनराशि दी जा सकती है तो विधानसभा चुनाव कराने के लिए अतिरिक्त बजट की व्यवस्था तय मानी जा रही है।
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