
उज्जैन। महाकाल मंदिर में यदि अग्रिकांड होगा तो कैसे राहत कार्य शुरू किया जाए, इसका प्रशिक्षण सुरक्षाकर्मियों को दिया। रविवार को आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सुरक्षाकर्मियों को फायर एक्सटिंग्विशर के उपयोग की बारीकियां सिखाई गईं। उन्हें बताया गया कि किस तरह अलग-अलग प्रकार की आग लगने की स्थिति में तुरंत और सही निर्णय लेना जरूरी होता है।
साथ ही मौके पर ही प्रैक्टिकल डेमो देकर आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करने के तरीके भी समझाए गए। प्रशिक्षण के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि मंदिर परिसर में लगे फायर उपकरणों की नियमित जांच और मेंटेनेंस कितनी अहम है। छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए हर सुरक्षाकर्मी को सतर्क और प्रशिक्षित रहना अनिवार्य है। इस पूरे प्रशिक्षण का जिम्मा एसडीआरएफ के प्रभारी पुष्पेंद्र त्यागी और उनकी टीम ने संभाला। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों को न सिर्फ तकनीकी जानकारी दी, बल्कि मौके पर अभ्यास करवाकर उन्हें हर परिस्थिति के लिए तैयार किया। इस दौरान मंदिर सुरक्षा अधिकारी दिलीप बामनिया, सुरक्षा प्रभारी अनुराग चौबे, वैदिक प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान के प्रभारी निदेशक पीयूष त्रिपाठी सहित कोर कंपनी के सुपरवाइजर और बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी मौजूद रहे।