
इंदौर। कल दौलतगंज के प्राचीन मंदिर पर अतिक्रमण के खिलाफ हिन्दू संगठन के आह्वान पर एक हजार से अधिक कार्यकर्ता पहुंचे। हालांकि इसके पहले ही प्रशासन द्वारा यहां से दो दुकानें हटा दी गई थी, लेकिन हिन्दूवादी बची हुई 4 दुकानें हटाने पर भी अड़ गए और महाआरती की।
हिन्दू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने एक सप्ताह पहले ही यहां आरती करने की घोषणा की थी। आरती के पहले ही यहां भारी पुलिस बल लगा दिया गया था ताकि किसी भी प्रकार की घटना से निपटा जा सके। हालांकि प्रशासन ने मंच के कार्यकर्ताओं से कह दिया था कि ये निजी मंदिर हैं, लेकिन कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह निजी मंदिर नहीं हो सकता। दौलतगंज में यह प्राचीन शिव मंदिर बना हुआ है और यहां नंदी महाराज की मूर्ति भी खंडित कर दी गई है। यहां कुछ वर्ग विशेष के लोगों द्वारा अतिक्रमण कर दुकानें बना ली गई हैं। इसी मांग को लेकर हिन्दूवादियों ने यहां महाआरती की। मंच के संजय भाटिया ने बताया कि यहां कुल 6 दुकानदारों ने अतिक्रमण कर रखा है। कल पुलिस प्रशासन ने दिन में दो दुकानों का अतिक्रमण हटाने की जानकारी दी और कहा कि वे आंदोलन नहीं करें, लेकिन हमारी मांग पूरे मंदिर से ही अतिक्रमण हटाने की है।
हिन्दूवादियों का आरोप है कि यहां कांग्रेस के एक पार्षद ने कब्जा कर रखा है और दुकानें किराये पर दे रखी है,जबकि यह मंदिर हैं। महाआरती के दौरान चार ओर से संगठन के कार्यकर्ता मंदिर पर पहुंचे। महाआरती को लेकर दिनभर प्रशासन भी चाकचौबंद रहा और मंच के कार्यकर्ताओं की गतिविधियों पर नजर रखी गई, ताकि कोई बड़ा बवाल न हो जाए। बताया जा रहा है कि प्रशासन के कुछ अधिकारियों ने संघ के आला पदाधिकारियों से भी बात की थी और कहा था कि मात्र 10 लोगों को आरती करने भेज दें, लेकिन मंच के कार्यकर्ता नहीं माने। हालांकि कार्यकर्ताओं नारेबाजी के बीच आरती की और चेतावनी दी कि अगर मंदिर को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया तो लगातार यहां आरती होती रहेगी।
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