img-fluid

एपस्टीन फाइल्स में नाम आने के बाद अमेरिका-ब्रिटेन से फ्रांस-नॉर्वे तक दुनिया में ताबड़तोड़ इस्तीफे

February 09, 2026

नई दिल्ली. अमेरिका (US) के कुख्यात अपराधी जेफरी एपस्टीन (Jeffrey Epstein) से जुड़े दस्तावेज (document) लगातार सामने आ रहे हैं. इन खुलासों के बाद कई देशों में राजनीतिक हलचल (Political turmoil) तेज हो गई है. इन दस्तावेजों में ईमेल, सोशल संपर्क, पैसों के लेन-देन और निजी मुलाकातों से जुड़ी जानकारी सामने आई है. इसी वजह से कई बड़े पदों पर बैठे लोगों पर सवाल उठे हैं और कुछ को दबाव में आकर इस्तीफा देना पड़ा है. हाल ही में ब्रिटेन और नॉर्वे में इस्तीफे हुए हैं.

ब्रिटेन में प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी को इस्तीफा देना पड़ा. उन पर दबाव इसलिए बढ़ा क्योंकि उन्होंने पीटर मैंडेलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत बनाने की सलाह दी थी. मैकस्वीनी ने माना कि यह सलाह गलत थी और इसकी जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ दिया.


  • नॉर्वे में भी असर दिखा. विदेश मंत्रालय ने बताया कि वरिष्ठ राजनयिक मोना जूल एपस्टीन से जुड़े संबंधों के मामले में “फैसले में गंभीर गलती” के कारण पद छोड़ेंगी. 66 वर्षीय जूल पहले मंत्री रह चुकी हैं और इजरायल, ब्रिटेन और संयुक्त राष्ट्र में नॉर्वे की राजदूत भी रह चुकी हैं. इस मामले को यूरोप में बढ़ते बड़े विवाद का हिस्सा माना जा रहा है.

    अमेरिका में भी एपस्टीन फाइल्स का असर
    अमेरिका में भी असर देखने को मिला. फरवरी 2026 में ब्रैड कार्प ने एक बड़ी लॉ फर्म के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया, क्योंकि उनके एपस्टीन से ईमेल संपर्क सामने आए थे. इससे पहले नवंबर 2025 में लैरी समर्स ने भी एक अहम बोर्ड पद छोड़ा और माना कि एपस्टीन से संपर्क रखना उनकी गलती थी.

    दिसंबर 2025 में एफबीआई के डिप्टी डायरेक्टर डैन बोंजिनो ने भी विवाद के बीच पद छोड़ दिया. उनके मामले में सीधे रिश्ते सामने नहीं आए, लेकिन फाइलों से जुड़े विवाद ने दबाव बढ़ा दिया था.

    यूरोप में भी कई नेताओं ने दिया इस्तीफा
    यूरोप के अन्य देशों में भी एपस्टीन फाइल्स का असर देखने को मिला. फ्रांस में पूर्व मंत्री जैक लैंग ने एक सांस्कृतिक संस्थान के प्रमुख पद से इस्तीफा दिया. स्लोवाकिया में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मिरोस्लाव लाजचाक ने ईमेल विवाद के बाद पद छोड़ा. स्वीडन में भी एक अधिकारी ने पद छोड़ दिया, जब उनके एपस्टीन के निजी द्वीप से जुड़े आरोप सामने आए.

    ध्यान देने वाली बात यह है कि हर इस्तीफा अपराध साबित होने के कारण नहीं हुआ. कई मामलों में सिर्फ संपर्क सामने आने से ही विवाद खड़ा हुआ और सार्वजनिक दबाव बढ़ा. संस्थाओं की साख बचाने के लिए कई लोगों ने पद छोड़ना बेहतर समझा.

    Share:

  • चंद्रयान-4 मिशन धरती पर वापस लौटेगा भारत, ISRO ने लैंडिंग के लिए खोजी जगह

    Mon Feb 9 , 2026
    नई दिल्ली। चंद्रयान-4 मिशन (Chandrayaan-4 Mission) को लेकर ISRO को बड़ी सफलता हाथ लगी है। इसरो के स्पेस ऐप्लिकेशन सेंटर (Space Applications Center-SAC) ने अब तक के सबसे कठिन मून मिशन के लिए लैंडिंग की जगह खोज ली है। चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लगभग 1 वर्ग किलोमीटर का पैच है जहां चंद्रयान-4 की सफल […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved