
भोपाल: देश के जिन राज्यों में बिहार की तर्ज पर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (Special Intensive Revision) यानि SIR सर्वे होना है, उनमें मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) भी शामिल है. चुनाव आयोग ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया कि 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट को अपडेट किया जाएगा. जिसकी शुरुआत 28 अक्टूबर से होगी और इसको 7 फरवरी तक पूरा किया जाएगा. इनमें कई राज्य ऐसे भी हैं, जहां अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, तो कुछ राज्यों में आने वाल एक से दो साल के बीच पंचायत और निकाय चुनाव होने हैं, जिनमें मध्य प्रदेश भी शामिल है.
बताया जा रहा है कि आज रात 12 बजे से मतदाता सूची फ्रीज हो जाएगी, इसके बाद बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन किया जाएगा. इस दौरान संदिग्ध नामों की जांच की जाएगी और आवश्यक दस्तावेज मांगे जाएंगे. चुनाव आयोग ने मध्य प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों पर इस प्रक्रिया को लागू करने की घोषणा कर दी है. जहां चुनाव आयोग के निर्देशों के बाद प्रदेशभर में बीएलओ सहित सभी संबंधित अधिकारियों, कलेक्टर, एडीएम, एसडीएम, तहसीलदार और अन्य कर्मचारियों की ट्रेनिंग पूरी कर ली गई है.
अब बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी एकत्र करेंगे और आवश्यक फॉर्म भरवाएंगे. खास बात यह है कि हर घर पर बीएलओ तीन बार तक विजिट करेंगे, ताकि कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए. यानि हर घर की पूरी जानकारी जुटाई जाएगी. एसआईआर प्रक्रिया के तहत, कई स्थानों पर फर्जी या दोहराए गए नामों को वोटर लिस्ट से हटाने की कार्रवाई भी की जाएगी. अधिकारियों का मानना है कि इससे मतदाता सूची अधिक पारदर्शी और सटीक बनेगी.
मध्य प्रदेश में भले ही अभी चुनाव नहीं होने हैं, लेकिन 2026 से 2027 के बीच में नगरीय निकाय चुनाव होंगे, जबकि मध्य प्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव अक्टूबर-नवंबर 2028 में होना है. इसे ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने अभी से मतदाता सूची को अपडेट और त्रुटिरहित बनाने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं. इस बात की चर्चा पहले से ही शुरू हो गई थी. सर सर्वे की शुरुआत बिहार से हुई है, जबकि अब इसे लगभग देश के सभी बड़े राज्यों में किया जा रहा है.
सर सर्वे चुनाव आयोग की एक नियमित प्रक्रिया है, जिसमें वोटर लिस्ट (मतदाता सूची) को अपडेट किया जाता है. इस दौरान 18 साल या उससे अधिक उम्र के नए मतदाताओं को वोटर लिस्ट में जोड़ा जाता है. वहीं जिन लोगों की मृत्यु हो चुकी है या जो किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट हो गए हैं, उनके नाम हटाए जाते हैं. मतदाता सूची में दर्ज नाम, पता या अन्य जानकारी में यदि कोई गलती होती है, तो उसे भी सुधारा जाता है. इस काम के लिए BLO (बूथ लेवल अधिकारी) घर-घर जाकर पात्र नागरिकों से आवश्यक फॉर्म भरवाते हैं.
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