img-fluid

इतिहास में पहली बार डॉलर पर दिखेंगे डोनाल्ड ट्रंप के साइन अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ पर बड़ा बदलाव

March 27, 2026

नई दिल्ली । अमेरिका एक बार फिर इतिहास रचने की तैयारी (Preparing to Make History) में है और इस बार बदलाव सीधे उसकी करेंसी यानी डॉलर(Currency that is, the dollar.) से जुड़ा हुआ है। करीब 165 साल पुरानी परंपरा (A 165-Year-Old Tradition)को तोड़ते हुए अब पहली बार ऐसा होने जा रहा है जब किसी मौजूदा राष्ट्रपति के हस्ताक्षर अमेरिकी नोटों(US banknotes) पर दिखाई देंगे। यह ऐतिहासिक कदम डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump )के कार्यकाल में उठाया गया है और इसे अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के जश्न से भी जोड़ा जा रहा है।

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने इस बात की पुष्टि की है कि जल्द ही छपने वाले डॉलर नोटों पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर शामिल किए जाएंगे। उनके साथ ट्रेजरी सचिव Scott Bessent के साइन भी होंगे। अब तक अमेरिकी करेंसी पर परंपरागत रूप से ट्रेजरी सचिव और ट्रेजरर के हस्ताक्षर ही होते रहे हैं लेकिन इस फैसले के बाद यह व्यवस्था बदलती नजर आएगी।

इस पूरे घटनाक्रम को और भी खास बनाता है इसका समय। यह फैसला ऐसे दौर में लिया गया है जब अमेरिका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनावपूर्ण परिस्थितियों का सामना कर रहा है खासकर Iran के साथ चल रहे टकराव के बीच। ऐसे में यह कदम सिर्फ आर्थिक नहीं बल्कि राजनीतिक और प्रतीकात्मक महत्व भी रखता है।

अमेरिकी ट्रेजरर Brandon Beach ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह राष्ट्रपति के नेतृत्व और देश के प्रति उनके समर्पण का प्रतीक है। उनके अनुसार यह बदलाव आने वाले वर्षों तक अमेरिकी करेंसी की पहचान का हिस्सा रहेगा।

जानकारी के मुताबिक सबसे पहले 100 डॉलर के नोट पर ट्रंप और बेसेंट के हस्ताक्षर जून महीने से छपने शुरू होंगे। इसके बाद धीरे धीरे अन्य मूल्य के नोटों पर भी यह बदलाव लागू किया जाएगा। फिलहाल अमेरिकी ब्यूरो ऑफ एनग्रैविंग एंड प्रिंटिंग पुराने नोटों की छपाई जारी रखे हुए है जिन पर Janet Yellen और Lynn Malerba के हस्ताक्षर मौजूद हैं।

हालांकि ट्रेजरी विभाग ने यह साफ कर दिया है कि नोट के डिजाइन में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। यानी डॉलर की मौजूदा पहचान वैसी ही बनी रहेगी केवल हस्ताक्षरों में यह नया परिवर्तन जोड़ा जाएगा।

 


  • गौरतलब है कि इससे पहले ट्रंप के नाम पर एक डॉलर का सिक्का जारी करने की कोशिश भी की गई थी लेकिन अमेरिकी कानूनों के तहत किसी जीवित व्यक्ति की तस्वीर को सिक्कों पर छापने की अनुमति नहीं है जिसके चलते वह प्रयास सफल नहीं हो पाया।

    कुल मिलाकर यह फैसला अमेरिका के आर्थिक इतिहास में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। यह न सिर्फ परंपरा में बदलाव का संकेत है बल्कि यह भी दर्शाता है कि आने वाले समय में करेंसी सिर्फ लेनदेन का माध्यम नहीं बल्कि राजनीतिक और राष्ट्रीय पहचान का भी मजबूत प्रतीक बनती जा रही है।

    Share:

  • 'धुरंधर 2' ने कमाए 1000 करोड़, भगवान का आशीर्वाद लेने काशी विश्वनाथ पहुंचे रणवीर सिंह, क्या है सच?

    Fri Mar 27 , 2026
    नई दिल्ली।बॉलीवुड स्टार(Bollywood star) रणवीर सिंह(Ranveer Singh) इन दिनों अपनी फिल्म ‘धुरंधर 2’(Dhurandhar 2) की बंपर सफलता को लेकर सुर्खियों में हैं। फिल्म ने रिलीज के बाद महज एक हफ्ते में ही 1000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है, जिससे देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी इसकी चर्चा तेज हो गई है। […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved