
नई दिल्ली । राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कहा कि इतिहास में पहली बार (For the first time in History) नेता प्रतिपक्ष को लोकसभा में बोलने नहीं दिया गया (Was not allowed to Speak in Lok Sabha) । उन्होंने आरोप लगाया कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील में सरकार ने किसानों की मेहनत और खून पसीने को बेच दिया ।
उन्होंने ऐसा इसलिए किया, क्योंकि वे दबाव में हैं। उन्होंने सरकार पर संसद में बोलने से रोकने का भी आरोप लगाया। लोकसभा में मंगलवार को जबरदस्त हंगामे के बाद संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “सरकार घबराई हुई है। जो ट्रेड डील चार महीने से रुकी हुई थी, उसमें कुछ बदला नहीं और सोमवार शाम उस ट्रेड डील को साइन कर दिया गया। इसके पीछे क्या कारण है, जिन्हें वे स्वयं और प्रधानमंत्री जानते हैं?” कांग्रेस सांसद ने कहा, “केंद्र सरकार पर भयंकर प्रेशर है। उनकी इमेज का जो गुब्बारा है, जिसे हजारों करोड़ रुपए खर्च कर बनाया गया था, वो फूट सकता है।”
संसद में बोलने से रोके जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, “असल में समस्या नरवणे जी (पूर्व सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे) का बयान नहीं है, ये साइड शो है। सरकार को कॉम्प्रोमाइज कर दिया गया है। किसने किया है, कैसे किया है ये देश की जनता को सोचना है।” उन्होंने कहा, “इतिहास में पहली बार नेता प्रतिपक्ष को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर नहीं बोलने दिया गया।”
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि देश के किसानों को समझना चाहिए कि इस ट्रेड डील में आपकी मेहनत और खून-पसीने को सरकार ने बेच दिया है। ये इसलिए बेचा है क्योंकि वो कॉम्प्रोमाइज्ड है। उन्होंने कहा, “सरकार ने सिर्फ किसानों को ही नहीं, पूरे देश को बेच दिया है। इसलिए मुझे संसद में बोलने नहीं दे रहे हैं। सरकार डरी हुई है क्योंकि जिन लोगों ने उनकी इमेज बनाई है, वही लोग उनकी इमेज को फोड़ने में लगे हैं।”
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