
भोपाल: मध्य प्रदेश परिवहन विभाग (Madhya Pradesh Transport Department) के करोड़पति पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा (Saurabh Sharma) और उसके साथियों को न्यायालय ने जमानत दे दी है. लोकायुक्त विभाग (Lokayukta Department) द्वारा 60 दिनों के अंदर चालान पेश न कर पाने की वजह से न्यायालय ने यह फैसला सुनाया है. लोकायुक्त के विशेष न्यायाधीश राम प्रताप मिश्र ने इस मामले में जमानत के आदेश दिए हैं.
बता दें कि 55 किलो सोना और 10 करोड़ कैश कांड में लोकायुक्त ने सौरभ शर्मा, शरद जायसवाल और चेतन गौर को हिरासत में लिया था. जांच के बाद, उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां न्यायालय ने आरोपियों को रिमांड पर भेज दिया था. हालांकि, आरोपियों को यह जमानत केवल लोकायुक्त में दर्ज मामलों में ही मिली है. आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय (ED) में दर्ज मामलों में तीनों आरोपी अभी भी जेल में ही रहेंगे.
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