जयपुर। राजस्थान की राजनीति में अपने ‘अनोखे विरोध प्रदर्शनों’ और ‘काले कपड़ों’ के लिए चर्चित बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव (Baljeet Yadav) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार रात दिल्ली-जयपुर हाईवे पर शाहजहांपुर टोल प्लाजा के पास उन्हें हिरासत में लिया गया। लंबी पूछताछ के बाद, जयपुर क्षेत्रीय ईडी (ED) इकाई ने उन्हें आधिकारिक तौर पर गिरफ्तार कर लिया।
‘जनता के लिए दौड़ने वाले नेता’ पर अब ‘फंड गबन’ का आरोप
बलजीत यादव वही नेता हैं जिन्होंने जयपुर के सेंट्रल पार्क में बिना रुके दौड़कर युवाओं के हक और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद की थी। उन्होंने भ्रष्टाचार उजागर करने वालों को 51,000 रुपये का इनाम देने का भी वादा किया था। लेकिन आज वही नेता खुद भ्रष्टाचार और विधायक क्षेत्रीय विकास (MLA LAD) फंड के दुरुपयोग के आरोपों में फंसे हुए हैं।
जांच में सामने आए गंभीर आरोप:
फर्जी बिलिंग: किट की खरीद के नाम पर कागजात में हेराफेरी की गई।
बिना सप्लाई पेमेंट: आरोप है कि स्कूलों को सामान भेजा ही नहीं गया, लेकिन पेमेंट ठेकेदारों को कर दिया गया।
मनी लॉन्ड्रिंग: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की FIR के आधार पर ईडी ने PMLA एक्ट के तहत जांच शुरू की, जिसमें फर्जीवाड़े के पुख्ता सबूत मिले।
जनवरी में छापेमारी ने खोली पोल
ईडी ने 24 जनवरी 2025 को बलजीत यादव के जयपुर, दौसा और बहरोड़ स्थित 10 ठिकानों पर एक साथ सर्च ऑपरेशन चलाया था। इस छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत जब्त किए गए थे। इन दस्तावेजों और बैंक ट्रांजेक्शन के मिलान के बाद ही गिरफ्तारी की गई है।
राजनीतिक हलचल
अब बलजीत यादव को विशेष अदालत में पेश किया जाएगा, जहां ईडी उनकी रिमांड की मांग करेगी। इस गिरफ्तारी से बहरोड़ और राजस्थान की राजनीति में खलबली मच गई है, क्योंकि बलजीत यादव खुद को ‘भ्रष्टाचार का काल’ बताकर जनता के बीच साख बनाने का दावा करते रहे हैं।
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