
डेस्क: महाराष्ट्र विधान परिषद (Maharashtra Legislative Council) की विशेषाधिकार समिति ने विधायक अमोल मिटकरी की छवि को कथित रूप से नुकसान पहुंचाने और उनके खिलाफ झूठी व मनगढ़ंत खबरें चलाने के आरोप में चार पत्रकारों (Journalists) को पांच दिन की जेल की सजा देने की सिफारिश की है. हालांकि, एक संपादक को माफी मांगने के बाद सजा से राहत दी गई है.
शनिवार को विधान परिषद में रिपोर्ट पेश करते हुए समिति के अध्यक्ष प्रसाद लाड ने बताया कि सत्य लाधा नामक यूट्यूब चैनल से जुड़े पत्रकारों ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता अमोल मिटकरी के खिलाफ झूठी खबरें प्रसारित की थीं.
प्रसाद लाड ने सदन को जानकारी दी कि अकोला के पत्रकार गणेश सोनावणे, हर्षदा सोनावणे, अमोल नांदुरकर, अंकुश गावंडे और संपादक सतीश देशमुख पर झूठी खबरें फैलाने और अमोल मिटकरी की सार्वजनिक व राजनीतिक छवि को बदनाम करने का आरोप है. इस मामले में समिति ने पांचों मीडिया कर्मियों को पांच दिन की कैद की सिफारिश की थी. उन्होंने यह भी बताया कि इस विषय पर समिति की कुल छह बैठकें हुईं.
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