
डेस्क: ईरान (Iran) में जारी बवाल के बीच अली खामेनेई (Ali Khamenei) के गेमऑवर की चर्चा जोरों पर है. एक तरफ अमेरिका (America) ने ईरान बॉर्डर पर अपने डेल्टा फोर्स (Delta Force) को तैनात कर दिया है. यह वही डेल्टा फोर्स है, जिसके सैनिकों ने हाल ही में वेनेजुएला में निकोलस मादुरो के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन किया था. अमेरिका ने डेल्टा फोर्स की तैनाती पर आधिकारिक रूप से कुछ भी नहीं कहा है.
वहीं दूसरी तरफ ब्रिटिश अधिकारी ने दावा किया है कि तेहरान में एक रूसी प्लेन उतारा गया है, जो सोना लेकर मॉस्को वापस जाएगा. द टाइम्स के मुताबिक अगर अमेरिका ईरान पर हमला करता है तो खामेनेई मॉस्को जा सकते हैं. ईरान ने इस रिपोर्ट का कोई खंडन नहीं किया है.
ईरान में 12 दिन से विरोध प्रदर्शन जारी है. 26 प्रांतों में लोग खामेनेई सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं. ईरान सरकार ने लोगों को मनाने के लिए हर नागरिक को 7 डॉलर प्रतिमाह मुफ्त में देने का भी ऐलान किया था, लेकिन लोग तब भी वापस नहीं जा रहे हैं.
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहीं पीपुल्स मुजाहिद संगठन प्रमुख मरियम रजवी के मुताबिक लोग खामेनेई को सत्ता से हटाना चाहते हैं. लोगों की कोशिश नई सरकार चुनने की है. खामेनेई को हटाकर 15 दिनों के भीतर अगर चुनाव कराया जाता है तो हम सड़कों पर से हट जाएंगे.
रिजवी के मुताबिक 1979 के बाद यह बड़ा विरोध प्रदर्शन है. इसमें छात्र, महिला, व्यापारी और किसान वर्ग शामिल हैं. इस प्रदर्शन को ग्रामीण स्तरों पर भी सपोर्ट मिल रहा है. खामेनेई को आखिर में जाना ही होगा. वहीं ईरान सरकार का कहना है कि मोसाद और सीआईए के एजेंट प्रदर्शन को हवा दे रहे हैं. यह हमारा आंतरिक मामला है और हम इससे निपट लेंगे.
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved