
नई दिल्ली। ईरान (Iran) और अमेरिका (America) के बीच बढ़ते तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय गतिविधियां (International activities) तेज हो गई हैं। आशंका जताई जा रही है कि अमेरिका ईरान पर हमले की योजना (Plan of attack) बना रहा है। इस बीच रूस (Russia) ने सख्त शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि ईरान पर हमला हुआ तो उसके गंभीर परिणाम पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भुगतने पड़ सकते हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल ही में ईरान और रूस ने ओमान सागर तथा उत्तरी हिंद महासागर में संयुक्त नौसैनिक अभ्यास की घोषणा की है। हालांकि, संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर अमेरिका की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
रूसी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार, रूस के विदेश मंत्री Sergey Lavrov ने Al Arabiya को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि ईरान पर किसी भी नए हमले के परिणाम बेहद गंभीर होंगे। उन्होंने कहा, “इसके नतीजे बुरे होंगे।” लावरोव ने यह भी उल्लेख किया कि पहले भी ईरान पर हमले हुए हैं और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की निगरानी वाले परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया गया था।
परमाणु खतरे को लेकर जताई चिंता
लावरोव ने कहा कि जून 2025 में अमेरिका और Israel द्वारा किए गए हमलों ने न केवल अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (International Atomic Energy Agency) की व्यवस्था को कमजोर किया, बल्कि परमाणु दुर्घटना का जोखिम भी बढ़ाया। उनके अनुसार, ईरान से प्राप्त जानकारी बताती है कि फिलहाल स्थिति कुछ हद तक स्थिर है, लेकिन परमाणु केंद्रों पर हमलों ने परमाणु सामग्री की भौतिक सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। उन्होंने दोहराया कि यह सामग्री अंतरराष्ट्रीय निगरानी में है और इसे छेड़ा नहीं जा सकता। रूस का मानना है कि ऐसी कार्रवाइयां जोखिम बढ़ाने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय परमाणु ढांचे को भी कमजोर करती हैं।
मध्य पूर्व में बढ़ती सैन्य गतिविधियां
समाचार पोर्टल Axios के अनुसार, मध्य पूर्व में बड़ी संख्या में अमेरिकी सैन्य बल तैनात हैं। दो विमानवाहक पोत, एक दर्जन युद्धपोत, सैकड़ों लड़ाकू विमान और कई वायु रक्षा प्रणालियां क्षेत्र में मौजूद हैं। खुला स्रोत निगरानी संकेत देता है कि 150 से अधिक मालवाहक उड़ानें हथियार और गोला-बारूद पहुंचा रही हैं। साथ ही एफ-35, एफ-22 और एफ-16 सहित लगभग 50 लड़ाकू विमान भी क्षेत्र की ओर बढ़ रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक करीबी सलाहकार ने संकेत दिया कि उनके आसपास कुछ लोग ईरान के साथ युद्ध के खिलाफ चेतावनी दे रहे हैं, लेकिन आने वाले हफ्तों में कार्रवाई की संभावना काफी अधिक मानी जा रही है। वहीं, इजरायली अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि इजरायल कुछ ही दिनों में संभावित युद्ध की तैयारी कर रहा है और वहां राजनीतिक बदलाव के उद्देश्य से अभियान भी चलाया जा रहा है।

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