
नई दिल्ली। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (World Gold Council) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 में भारत के गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETF) में 2.49 अरब डॉलर का शुद्ध निवेश आया। यह दिसंबर 2025 के 1.25 अरब डॉलर के निवेश (investment) की तुलना में 98 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी है। यह लगातार आठवां महीना है जब भारत में इस क्षेत्र में निवेश बढ़ा है।
2025 का सिलसिला जारी
साल 2025 में मार्च और मई को छोड़कर हर महीने गोल्ड ETF में निवेश बढ़ा। पूरे साल भारत में कुल 4.68 अरब डॉलर का निवेश आया, जो 2024 के 1.29 अरब डॉलर से 262 प्रतिशत अधिक है। 2023 और 2022 में यह क्रमशः 310 मिलियन डॉलर और 33 मिलियन डॉलर ही था।
वैश्विक स्तर पर भी रिकॉर्ड निवेश
दुनियाभर में जनवरी में सोना ETF में 19 अरब डॉलर का निवेश आया, जो अब तक का सबसे मजबूत मासिक निवेश है। सोने की कीमतों में 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी और निवेश के कारण वैश्विक सोना ETF में 669 अरब डॉलर का प्रबंधन रिकॉर्ड पर पहुंच गया। वैश्विक होल्डिंग भी 4,145 टन तक बढ़ गई।
एशिया और अन्य क्षेत्रों में भी उछाल
एशियाई गोल्ड ETF में जनवरी में 10 अरब डॉलर का निवेश आया, जो 2025 के मासिक औसत से अधिक है और लगातार पांचवें महीने निवेश बढ़ने का संकेत देता है। उत्तरी अमेरिका में दूसरा सबसे ऊंचा मासिक फ्लो रिकॉर्ड हुआ, जबकि यूरोप ने भी भू-राजनीतिक और व्यापारिक तनावों के बीच निवेश देखा।
गिरावट के बावजूद निवेश जारी
हालांकि जनवरी के अंत में सोने की कीमतों में गिरावट आई, लेकिन यूरोप को छोड़कर सभी क्षेत्रों ने शुद्ध निवेश जारी रखा। निवेशकों ने कीमतों में गिरावट का लाभ उठाते हुए सोने में पैसा लगाया।
बाजार पर असर डालने वाले कारक
जनवरी में सोने के ETF में निवेश को अमेरिकी और ईरान, ग्रीनलैंड और यूरोप जैसे क्षेत्रों में बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों ने समर्थन दिया। फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने की नीति और नए फेड चेयर के संभावित प्रभाव ने भी निवेशक रुझान को प्रभावित किया। ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद ने गोल्ड ETF की मांग बनाए रखने में मदद की।

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