
उज्जैन। पत्रकारों के बीमा योजना की वार्षिक किश्त को शासन ने पहले तो बढ़ा दिया और बाद में फिर उसे यथावत रखते हुए श्रेय लेने की कोशिश की। इस बात को सभी पत्रकार भलीभांति समझते हैं। सिटी पे्रस क्लब की मांग है कि कोरोना से उपजे हालातों को देखते हुए शासन को अब पत्रकारों की बीमा प्रीमियम की राशि स्वयं भरनी चाहिए।
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