
लखनऊ । बसपा अध्यक्ष मायावती (BSP President Mayawati) ने कहा कि इंदौर में प्रदूषित पानी पीने से हुई मौतों के लिए (For Deaths in Indore due to drinking Polluted Water) सरकार जिम्मेदार है (Government is Responsible) ।
मध्य प्रदेश के इंदौर में प्रदूषित पानी पीने से हुई मौतों और कई अन्य लोगों के गंभीर रूप से बीमार होने की खबर ने देशभर में आक्रोश पैदा कर दिया है। इस दर्दनाक घटना पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने शुक्रवार को प्रतिक्रिया देते हुए इसे अत्यंत दुखद, चौंकाने वाला और सरकारी गैर-जिम्मेदारी का नतीजा बताया है। मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने एक पोस्ट में कहा, “मध्य प्रदेश राज्य के इन्दौर शहर में प्रदूषित पानी पीने से अनेक निर्दोष नागरिकों की मौत तथा अन्य अनेक लोगों के बीमार हो जाने की अति-दुखद एवं चौंकाने वाली खबर काफी चर्चा में है तथा ऐसी सरकारी गैर-जिम्मेदारी व उदासीनता को लेकर लोगों में स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि पूरे देश भर में व्यापक आक्रोश भी स्वाभाविक है।”
उन्होंने कहा, “वैसे तो लोगों को खासकर साफ हवा और पानी आदि मुहैया कराना हर सरकार की पहली जिम्मेदारी होती है, किन्तु यहां अपराध नियंत्रण व कानून व्यवस्था की तरह ही बुनियादी जनसुविधा के सम्बंध में भी सरकारी लापरवाही व भ्रष्टाचार आदि काफी घातक साबित हो रहा है तथा परिवार उजड़ रहे हैं, यह अति-दुखद व अति-चिंतनीय है। इस प्रकार की नागरिकों के जान से खिलवाड़ करने की शर्मनाक घटना की रोकथाम के लिये राज्य सरकार को सख्त से सख्त कदम उठाते रहने की जरूरत है।” मायावती ने आगे कहा कि केंद्र की सरकार को भी इसका उचित संज्ञान लेकर प्रभावी कार्रवाई जरूर करनी चाहिए, ताकि देश के किसी अन्य राज्य में ऐसी दर्दनाक घटनाएं ना होने पाएं।
बता दें कि इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से 7 लोगों की मौत और 40 से अधिक लोगों के बीमार पड़ने का मामला सामने आया। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने इस घटना को मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है और दो सप्ताह के अंदर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इस घटना में हुई मौतों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे हैं। सरकारी आंकड़ों में 4-7 मौतें बताई जा रही हैं, जबकि स्थानीय निवासी और कुछ रिपोर्ट्स में 10-13 तक का दावा किया गया है, जिसमें एक 6 महीने का मासूम बच्चा भी शामिल है। 100 से अधिक लोग विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं, जहां डायरिया, उल्टी और अन्य जलजनित बीमारियों के लक्षण पाए गए हैं।
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