
नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने मंगलवार को राज्यसभा में बताया कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ने पाया है कि अत्यधिक नमक का सेवन देश में उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) और हृदय रोगों के बढ़ते बोझ को और बढ़ा रहा है। उन्होंने आगे बताया कि सरकार अत्यधिक नमक सेवन के खतरों के बारे में जागरूकता फैला रही है।
स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने एक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि सरकार, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण के माध्यम से, स्वस्थ खान-पान की आदतों को बढ़ावा देने और अत्यधिक नमक के सेवन के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए ‘ईट राइट इंडिया’ अभियान चला रही है।
उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत, प्रमुख गतिविधियों में जनसंचार माध्यम और सोशल मीडिया कैंपेन जैसे ‘आज से थोड़ा कम’ शामिल हैं, जिनका उद्देश्य दैनिक आहार में नमक, चीनी और वसा की मात्रा को धीरे-धीरे कम करने के लिए प्रोत्साहित करना और अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कर्मियों के लिए “ईट राइट टूलकिट” का विकास और प्रसार करना है, ताकि वे लोगों को उच्च वसा, चीनी और नमक वाले खाद्य पदार्थों को सीमित करने के बारे में सलाह दे सकें।
दरअसल, प्रभावों और सुरक्षा पर उपलब्ध साक्ष्यों की समीक्षा और अतिरिक्त प्रासंगिक कारकों पर विचार के आधार पर डब्ल्यूएचओ ने सोडियम का सेवन प्रतिदिन 2 ग्राम से कम करने की सिफारिश की है। नड्डा ने कहा कि इस संदर्भ में कम मात्रा में सामान्य टेबल नमक का उपयोग करना सोडियम की मात्रा कम करने की समग्र रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।यदि आप टेबल सॉल्ट का उपयोग करना चाहते हैं, तो विश्व स्वास्थ्य संगठन नियमित टेबल सॉल्ट को कम सोडियम वाले पोटेशियम युक्त विकल्पों से बदलने का सुझाव देता है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह सिफारिश सामान्य आबादी में वयस्कों (गर्भवती महिलाओं या बच्चों के लिए नहीं) के लिए है, जिसमें गुर्दे की खराबी वाले व्यक्ति या अन्य परिस्थितियां या स्थितियां शामिल नहीं हैं, जो पोटेशियम उत्सर्जन को प्रभावित कर सकती हैं।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved