
इंदौर। पंजीयन विभाग ने आगामी वित्त वर्ष की गाइडलाइन तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और नई लोकेशन जोडऩे के लिए आवेदन भी बुलवाए हैं। 300 से अधिक नई लोकेशन जहां वर्तमान गाइडलाइन के अलावा जुड़ेगी, तो कुल मिलाकर 2800 लोकेशन ऐसी चिन्हित की जा रही हैं, जहां पर आगामी वित्त वर्ष की गाइडलाइन में वृद्धि होगी। जिन 91 नई कॉलोनियों को वर्तमान गाइडलाइन में शामिल किया गया है, उनका विवरण भी कल देर रात तक सम्पदा-2 पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया, जिसके चलते आज से इन कॉलोनियों में भी रजिस्ट्रियों की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
भोपाल मुख्यालय से मिले निर्देशों के चलते इस बार सैटेलाइट इमेज और एआई तकनीक का इस्तेमाल गाइडलाइन बनाने में किया जा रहा है। अभी तक 2 हजार करोड़ रुपए का राजस्व इंदौर जिले से हासिल हो चुका है और फरवरी के अलावा मार्च के महीने में रजिस्ट्रियों की संख्या में और भी वृद्धि संभव है। वरिष्ठ जिला पंजीयक अमरेश नायडू के मुताबिक अभी औसतन 800 रजिस्ट्रियां रोजाना हो रही हैं, जिससे 7 से 8 करोड़ रुपए का राजस्व मिलता है। अब आज से 91 नई कॉलोनियों में भी रजिस्ट्रियां शुरू हो जाएंगी और चूंकि आगामी वित्त वर्ष से गाइडलाइन कई क्षेत्रों में बढ़ेगी, उसके चलते भी अभी 31 मार्च तक वर्तमान गाइडलाइन पर रजिस्ट्री करवाने वालों की संख्या में भी इजाफा होगा। कल देर रात तक सम्पदा-2 पोर्टल पर इन 91 नई कॉलोनियों की जानकारी अपलोड कर दी गई और उम्मीद है कि 40 से 50 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि इन कॉलोनियों में होने वाली रजिस्ट्रियों से विभाग को प्राप्त होगी। वर्तमान में 4800 लोकेशन गाइडलाइन में है। इनमें से लगभग ढाई हजार लोकेशन ऐसी है, जहां पर गाइडलाइन मूल्य से अधिक पर रजिस्ट्रियां हुई हैं।
लिहाजा इन लोकेशन पर तो गाइडलाइन में वृद्धि 1 अप्रैल से लागू होगी ही, वहीं लगभग 300 नई लोकेशन और इसमें जुड़ जाएगी, जिसके चलते अनुमान है कि 2800 से लेकर 3000 लोकेशनों पर गाइडलाइन में वृद्धि होगी। अभी पिछले दिनों ही वरिष्ठ जिला पंजीयक और जिला मूल्यांकन समिति की संयोजक मंजुलता पटेल ने भी नई लोकेशन जोडऩे के संबंध में आवेदन बुलवाए, जिसमें नगर तथा ग्राम निवेश का मंजूर नक्शा, रेरा पंजीयन और अन्य वैध अनुमतियां मांगी गई। तभी नई कॉलोनियों को नई गाइडलाइन की प्रक्रिया में शामिल किया जा सकेगा।
पंजीयन विभाग का कहना है कि वर्तमान वित्त वर्ष में जिन लोकेशन पर अधिक रजिस्ट्रियां या ज्यादा दरों पर करवाई गई हैं, वहां पर गाइडलाइन में वृद्धि की जाएगी। गत वर्ष भी शासन आदेश पर 20 से लेकर 100 फीसदी तक वृद्धि कई क्षेत्रों में की गई थी और उसी का परिणाम है कि अभी 2 हजार करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व विभाग ने हासिल कर लिया है और जिन नई कॉलोनियों को अनुमति निगम और कलेक्टर कार्यालय से मिल रही है उन्हें भी आगामी वित्त वर्ष की गाइडलाइन में शामिल किया जाएगा, जिसके आवेदन बुलवाए गए हैं।
डूब प्रभावितों को आवंटित भूखंडों की रजिस्ट्रियां भी होंगी शुरू
सरदार सरोवर परियोजना के अंतर्गत आवंटित भूखंडों की रजिस्ट्रियां भी शुरू कराई जा रही है। पिछले दिनों हाईकोर्ट ने इस मामले में ना सिर्फ शासन को कड़ी फटकार लगाई, बल्कि अपर मुख्य सचिव को तलब भी किया था। कल संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने बैठक लेकर भूखंडों के रजिस्ट्रेशन की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि डूब प्रभावित व्यक्तियोंको दिए गए पट्टों की रजिस्ट्री के लिए मानक संचालन प्रक्रिया अपनाई जाए। इस प्रक्रिया का उद्देश्य पात्र व्यक्तियों को आवंटित भूखण्ड के पंजीयन की प्रक्रिया को पारदर्शी, सुव्यवस्थित एवं समयबद्ध बनाना है। यह प्रक्रिया उन सभी ग्रामों, नगरीय क्षेत्र में शामिल होंगी, जहां सरदार सरोवर बांध परियोजना के कारण भूमि/भवन अधिग्रहण हुआ तथा प्रभावित व्यक्तियों को पुनर्वास नीति के तहत भूखण्ड आवंटन प्रमाण पत्र आवंटित किए गए हैं।
संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने सभी संबंधित कलेक्टरों को निर्देशित किया कि रजिस्ट्रेशन के लिये आवेदकों द्वारा प्रस्तुत किये जाने वाले दस्तावेजों में लाभार्थी का आवेदन पत्र, भूखण्ड आवंटन प्रमाण पत्र, आधार कार्ड की छायाप्रति, पेनकार्ड की छायाप्रति और वारिसान प्रमाणपत्र अनिवार्य होंगे। संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने बताया कि पात्र आवेदक को आधार (अपडेटेड मोबाइल सहित) एवं पेन (जहां आवश्यक हो) के साथ पंजीयन कार्यालय में अथवा आयोजित कैंप में अथवा फेसलेस पंजीयन हेतु नियत स्थल पर उपस्थित रहना होगा। अधिकृत अधिकारी तथा गवाहों को भी आधार के साथ पंजीयन कार्यालय में अथवा आयोजित कैंप में उपस्थित रहना होगा।
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