
जम्मू। आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। कठुआ से डोडा तक सक्रिय आतंकियों की मदद करने वाले मास्टरमाइंड समेत नौ लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। कठुआ के अंबे नाल का रहने वाला मोहम्मद लतीफ उर्फ हाजी लतीफ ही मुख्य सरगना है। वह आतंकियों के नेटवर्क को चला रहा था। पकड़े गए लोगों में हाजी लतीफ का बेटा लियाकत, भाई नूरानी निवासी जुथाना व अन्य लोग शामिल हैं। यह सभी कठुआ के रहने वाले हैं।
लतीफ पाकिस्तान के साथ मिलकर देश के खिलाफ साजिश रचने के साथ ही आतंकियों की मदद करता रहा है। इसका खुलासा हीरानगर के सैडा सोहल में 11-12 जून को आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ के दौरान हुआ। सूत्रों के अनुसार, लतीफ घुसपैठ कर आने वाले आतंकियों के लिए गाइड का काम करता था। सैडा सोहल मुठभेड़ में शामिल आतंकियों को सांबा से कठुआ के इलाके में प्रवेश कराने और कैलाश कुंड के पास सुरक्षित पहुंचाने का काम हाजी और उसके परिवार के सदस्यों ने ही किया था। इतना ही नहीं, उसने कई लोगों को शामिल करते हुए आतंकी मददगारों का एक ओवरग्राउंड नेटवर्क तैयार किया था।
हाजी पाकिस्तान में बैठे आतंकी हैंडलरों के सीधे संपर्क में था। डोडा के गंदोह में मारे गए तीन आतंकियों को भी हाजी लतीफ ने पनाह दी थी। लतीफ अब तक 20 से अधिक आतंकियों को घुसपैठ के बाद सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचा चुका है। 60 वर्ष का सरगना पूरा नेटवर्क पैसों के लिए चला रहा था।
एडीजीपी ने बताया कि लतीफ को उधमपुर-कठुआ-डोडा जिलों के पहाड़ों और जंगलों की ऊपरी पहुंच में कैलाश पर्वत के आसपास की जानकारी है। वह इलाके में ओजीडब्ल्यू के पूरे नेटवर्क का सरगना है। इलाके से गुजरने वाले आतंकियों के समूहों के लिए गाइड आदि के रूप में काम करता था। लतीफ ने आतंकियों को सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाने, उनके लिए खाने पीने का सामान मुहैया कराने के लिए दूसरे लोगाें को अपने साथ जोड़ा। किसी को 500 तो किसी को हजार रुपये देकर उनसे आतंकियों के लिए सामान जमा किया।
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