
चंडीगढ़ । हरियाणा (Haryana) में 2024 के विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) में करारी हार मिलने के बाद कांग्रेस (Congress) राज्य में बड़े स्तर पर बदलाव करने जा रही है। विधायक दल के नेता और प्रदेश अध्यक्ष के नामों की जल्द घोषणा हो सकती है। जानकारी के मुताबिक पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा (Bhupinder Singh Hooda) को एक बार फिर विधायक दल का नेता बनाया जा सकता है। इससे पहले विधायक दल का नेता ना चुनने को लेकर भाजपा कांग्रेस पर लगातार हमलावर थी। हालांकि इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ही विधानसभा सदन में अनौपचारिक रूप से यह भूमिका निभाते आ रहे थे।
इस बीच विधायक दल के नेता का पद हुड्डा खेमे को मिलने की संभावना के बाद हुड्डा खेमे ने प्रदेश अध्यक्ष के पद पर अपनी दावेदारी छोड़ दी है। वहीं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री राव नरेंद्र हरियाणा कांग्रेस के नए अध्यक्ष बन सकते हैं। कांग्रेस की ओर से कराए गए आंतरिक सर्वे में प्रदेश अध्यक्ष के लिए पूर्व मंत्री राव नरेंद्र का नाम सबसे आगे है। बता दें कि अहीरवाल की नारनौल विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर कुलदीप बिश्नोई की हजकां तोड़ने और हुड्डा सरकार में मंत्री बनने वाले राव नरेंद्र राहुल गांधी के करीबी हैं।
राव को रणदीप सुरजेवाला का समर्थन
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस अहीर समुदाय से हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष बनाएगी। पार्टी प्रभारी की तरफ से आलाकमान को तीन नामों का एक पैनल भेजा गया है। इसमें तीन नामों की सूची आलाकमान को दी गई है। इसमें राव नरेंद्र सिंह, राव दान सिंह और कांग्रेस के अति पिछड़ा वर्ग विभाग के पूर्व अध्यक्ष कैप्टन अजय यादव के नाम शामिल हैं। इन तीन नामों में राव नरेंद्र सिंह का नाम सबसे ऊपर है। उन्हें कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला का समर्थन हासिल है। वहीं हुड्डा सरकार में मंत्री रहने की वजह से भूपेंद्र हुड्डा समेत उनके तत्कालीन सहयोगी मंत्रियों और विधायकों को भी राव नरेंद्र सिंह के नाम पर ज्यादा आपत्ति नहीं है। स्वराज आंदोलन के प्रमुख नेता योगेंद्र यादव ने भी राव नरेंद्र के नाम की सिफारिश राहुल गांधी के सामने की है।
खींचतान और गुटबाजी से अटका था मामला
हुड्डा खेमा इस बात से संतुष्ट है कि उनके नेता भूपेंद्र हुड्डा को दोबारा विपक्ष का नेता बनने का मौका मिल रहा है। लंबे समय से पार्टी के भीतर खींचतान और गुटबाजी से यह मामला अटका था, लेकिन अब हाईकमान ने दोनों पदों पर नियुक्तियों के लिए नामों को हरी झंडी दे दी है। मौजूदा अध्यक्ष चौधरी उदयभान जोकि हुड्डा गुट से हैं, की विदाई तय है। उन पर विधानसभा चुनाव हारने के बाद से ही आरोप लग रहे थे और इस्तीफे की मांग की जा रही थी। राव नरेंद्र सिंह साल 2009 में हरियाणा जनहित कांग्रेस के टिकट पर नारनौल से विधायक बने और बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए थे। हुड्डा सरकार के दूसरे कार्यकाल में वे स्वास्थ्य मंत्री भी रहे। प्रदेशाध्यक्ष पद पर बैकवार्ड नेता को तवज्जो देकर कांग्रेस चुनावी समीकरण साधना चाहती है। सूत्रों की मानें तो प्रदेशाध्यक्ष के साथ दो से तीन कार्यकारी अध्यक्ष बनाने का फार्मूला लागू किया जा सकता है।

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