img-fluid

जंग में कमजोर पड़ गया ईरान? नेताओं को सता रहा ये डर, न फोन उठा रहे, न आमने-सामने हो रही मीटिंग

March 31, 2026

डेस्क: मिडिल ईस्ट में जारी जंग का असर अब ईरान की सरकार पर साफ दिखने लगा है. हालात ऐसे हो गए हैं कि सरकार के लिए बड़े फैसले लेना और जवाबी हमलों की योजना बनाना मुश्किल हो गया है. युद्ध शुरू होने के करीब 4 हफ्तों में ईरान के कई बड़े नेता और उनके सहयोगी मारे जा चुके हैं. जो नेता अभी बचे हैं, उन्हें आपस में बात करने में भी परेशानी हो रही है. वे आमने-सामने मिलने से भी बच रहे हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि उनकी बातचीत पर नजर रखी जा सकती है और उन्हें हवाई हमले का निशाना बनाया जा सकता है.

इस बीच डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने कहा है कि ईरान में अब नई सरकार काम कर रही है और उस पर जल्द समझौता करने का दबाव डाला जा रहा है, लेकिन समस्या यह है कि सरकार की निर्णय लेने की क्षमता कमजोर हो गई है, जिससे बातचीत करना और किसी नतीजे पर पहुंचना मुश्किल होता जा रहा है. नए नेताओं के सामने यह भी साफ नहीं है कि उन्हें किस तरह का समझौता करना चाहिए या सरकार कितनी रियायत देने को तैयार है. उन्हें यह भी समझ नहीं आ रहा कि वे किससे सलाह लें.


  • हालांकि कुछ पूर्व अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि जब युद्ध के कारण आर्थिक दबाव और बढ़ेगा, तब ईरान समझौते की ओर जा सकता है. इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर जल्दी समझौता नहीं हुआ तो युद्ध और बढ़ सकता है. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिकी सेना ईरान के मुख्य तेल निर्यात केंद्र खर्ग आइलैंड पर कब्जा करने की कोशिश कर सकती है. ईरान में संचार व्यवस्था भी कमजोर हो गई है, जिससे बचे हुए नेताओं के बीच डर और भ्रम का माहौल है. उन्हें लगता है कि इजरायल की खुफिया एजेंसियां उनके फोन और संदेशों पर नजर रख रही हैं, इसलिए वे कॉल करने से भी बच रहे हैं.

    ईरान पर युद्ध की शुरुआत में इजरायल ने एक बड़ा हमला किया था, जिसमें ईरान के नेतृत्व वाले ठिकानों को निशाना बनाया गया. इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई सहित कई बड़े अधिकारी मारे गए. कुछ निचले स्तर के अधिकारी भी इस हमले में मारे गए थे. डोनाल्ड ट्रंप ने भी कई बार कहा है कि ईरान के नेतृत्व के लिए संभावित कई लोग इस युद्ध में मारे जा चुके हैं. मौजूदा युद्ध ने ईरान की सरकार को अंदर से कमजोर कर दिया है, जिससे आगे की स्थिति और ज्यादा अनिश्चित हो गई है.

    Share:

  • 52 करोड़ के करीब पहुँचा निगम का संपत्तिकर वसूली आंकड़ा

    Tue Mar 31 , 2026
    30 मार्च तक 51 करोड़ 80 लाख रुपए का राजस्व वसूल किया – आज छुट्टी के दिन भी कार्यालय खुले – निगमकर्मी जलकर और संपत्ति कर के लिए घर-घर दे रहे हैं दस्तक उज्जैन। संपत्तिकर वसूली में इस बार नगर निगम रिकॉर्ड बनाने जा रहा है। 30 मार्च तक संपत्तिकर वसूली का आंकड़ा 51 करोड़ […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved