
दतिया । मध्य प्रदेश के दतिया (Datia)जिले के गोराघाट थाना (Goraghat Police Station)क्षेत्र में सिंध नदी (Sindh River) पुल के नीचे झाड़ियों में मिले अज्ञात युवक के शव की गुत्थी को पुलिस ने आखिरकार सुलझा लिया है। यह मामला शुरुआत में अंधे कत्ल(blind murder) जैसा प्रतीत हो रहा था, लेकिन दस दिन की गहन जांच के बाद जो सच सामने आया, उसने पूरे इलाके को हिला दिया। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि प्रेम प्रसंग में रची गई सुनियोजित साजिश थी, जिसकी मास्टरमाइंड (Mastermind)खुद मृतक की पत्नी निकली।
घटना 6 फरवरी की है, जब हाईवे पर सिंध नदी पुल के नीचे करीब 35 वर्षीय युवक का शव मिला था। शव की स्थिति संदिग्ध थी और पुलिस को प्रथम दृष्टया हत्या का अंदेशा हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हो गई। पहचान न होने के कारण पुलिस ने नियमानुसार शव को दफना दिया। दो दिन बाद परिजन युवक की तलाश करते हुए दतिया पहुंचे और शव की पहचान झांसी निवासी हंसराज वर्मा पुत्र रामसिंह वर्मा के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने जेसीबी की मदद से शव निकलवाकर परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया।
पहचान होते ही जांच ने रफ्तार पकड़ी। पुलिस ने परिजनों के बयान, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला तो शक की सुई मृतक की पत्नी बबीता वर्मा की ओर घूम गई। जांच में सामने आया कि बबीता और उसके रिश्ते में लगने वाले देवर हेमंत आर्य के बीच लंबे समय से फोन पर बातचीत हो रही थी। यह बातचीत धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई। हंसराज पुराने ऑयल का कारोबार करता था और पैसों का लेनदेन पत्नी के फोनपे खाते से होता था। इसी बहाने दोनों के बीच संपर्क बढ़ा और फिर संबंध गहरे होते गए।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि वारदात वाले दिन हंसराज ग्वालियर जाने के लिए घर से निकला था। उसी दौरान बबीता ने अपने प्रेमी हेमंत को फोन कर कहा वह घर से निकला है, लौटकर नहीं आना चाहिए, यह तुम्हारी जिम्मेदारी है। इस एक वाक्य के साथ हत्या की साजिश पर अंतिम मुहर लग गई। इसके बाद हेमंत ने अपने साथी अनिल खटीक को शामिल किया। दोनों ने हंसराज से मुलाकात की, उसे जमकर शराब पिलाई और फिर झांसी छोड़ने का झांसा देकर बाइक पर साथ ले गए। डबरा और गोराघाट पुल के पास दोबारा शराब पिलाने के बाद पुल पार कर सुनसान झाड़ियों में मफलर से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और शव फेंककर फरार हो गए।
कॉल डिटेल में हत्या से पहले और बाद में बबीता और हेमंत के बीच लगातार बातचीत के सबूत मिले। मोबाइल लोकेशन, रेलवे टिकट और गवाहों के बयान ने पूरी साजिश की कड़ियां जोड़ दीं। आखिरकार 17 फरवरी को पुलिस ने ग्वालियर निवासी हेमंत आर्य (33), अनिल खटीक (35) और मृतक की पत्नी बबीता वर्मा (32) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त मफलर, शराब की बोतलें, मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गई है। प्रेम प्रसंग में रची गई इस साजिश ने एक परिवार को उजाड़ दिया और पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया।

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