
इंदौर (Indore)। कल धनतेरस से पांच दिनी दीपोत्सव की शुरुआत होगी। धनतेरस के लिए शहर के बाजार, शॉपिंग मॉल और शोरूम सज संवर गए हैं। गली- मोहल्ले और कॉलोनियों में विद्युत सज्जा जगमगाने लगी है। वैदिक पंचांग के अनुसार कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि कल दोपहर 12 बजकर 34 मिनट से शुरू हो रही है, जो कि अगले दिन 11 नवंबर को दोपहर 1 बजकर 56 मिनट तक रहेगी। वहीं आपको बता दें कि मां लक्ष्मी और कुबेर की पूजा प्रदोषकाल में की जाती है। ऐसे में त्रयोदशी तिथि का प्रदोषकाल कल शाम को 05 बजकर 29 मिनट से शुरू होकर रात 08 बजकर 7 मिनट तक है।
इसलिए प्रदोष पूजा मुहूर्त को देखते हुए ही धनतेरस 10 नवंबर को मनाई जाएगी। धनतेरस के अगले दिन नरक चतुर्दशी मनेगी। इस दिन द्वापर में भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर नामक राक्षक का वध किया था। 12 नवंबर को कार्तिक अमावस्या को दीपावली पर्व मनेगा। इस दिन त्रेतायुग में भगवान श्रीराम 14 साल के वनवास के बाद वापस अयोध्या लौटे थे। दिवाली के अगले दिन प्रतिपदा को भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाकर इंद्र का घमंड तोड़ा था। इस दिन गोवर्धन पूजा की जाएगी। पांचवें दिवस कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को भैयादूज का पर्व मनाया जाएगा। वैसे द्वितीया पंचांगों में 2 दिन बताई गई है, इसलिए भाईदूज 14 और 15 नवंबर को मनाई जाएगी।
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