
नई दिल्ली। असम कांग्रेस अध्यक्ष और जोरहाट से सांसद गौरव गोगोई ने सोमवार को मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के ‘पाकिस्तान कनेक्शन’ के आरोपों पर पलटवार किया। गोगोई ने सुप्रीम कोर्ट से मुख्यमंत्री के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेने का अनुरोध किया है। उन्होंने अपने बच्चों की जानकारी मीडिया को दी थी। मुख्यमंत्री सरमा ने रविवार को एक विशेष जांच दल (SIT) की जांच के निष्कर्ष जारी किए, जिसमें आरोप लगाया कि गौरव गोगोई, उनकी ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई और एक पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख के बीच गहरे संबंध हैं।
गुवाहाटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री शर्मा द्वारा अपने बच्चों के बारे में जानकारी सार्वजनिक करने की कड़ी आलोचना की और उन्हें मुख्यमंत्री पद के लिए अयोग्य बताया है। उन्होंने कहा, ‘वह इतनी नीच हरकत पर उतर आए कि उन्होंने मेरे बच्चों से जुड़ी जानकारी भी लीक कर दी। हम भी उनके बच्चों के बारे में जानते हैं; सबको पता है, लेकिन हम इसे उजागर नहीं करना चाहते। उन्होंने साबित कर दिया है कि वे मुख्यमंत्री की कुर्सी के लायक नहीं हैं। उनकी बातों से असम शर्मसार हुआ है। वे झूठी जानकारी क्यों फैला रहे हैं? सुप्रीम कोर्ट को उनके खिलाफ स्वतः संज्ञान लेना चाहिए।’
अपने खिलाफ लगे आरोपों का खंडन करते हुए गौरव गोगोई ने कहा कि एसआईटी कोई सबूत पेश नहीं कर सकी। उन्होंने कहा,’कल ढाई घंटे लंबी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ऐसा कोई सबूत पेश नहीं कर सके जिससे यह साबित हो सके कि मैं किसी दूसरे देश का एजेंट हूं। वे गोलमोल बातें करते रहे। उनके पास पिछले छह महीनों से एसआईटी की रिपोर्ट मौजूद है। गोगोई ने कहा कि पिछले साल उन्होंने कहा था कि वे 10 सितंबर को एसआईटी रिपोर्ट सार्वजनिक करेंगे। अगर यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है, तो हमारा सिर्फ एक ही सवाल है, मुख्यमंत्री पिछले छह महीनों से इस रिपोर्ट पर चुप क्यों रहे? इसका कारण यह है कि उनके द्वारा गठित एसआईटी कोई सबूत पेश करने में असफल रही है।

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