मुंबई। मशहूर फिल्म सीरीज ‘द प्रिजनर ऑफ अजकाबान’ (Harry Potter and the Prisoner of Azkaban) में दिखाई गई बैंगनी रंग की ‘ट्रिपल डेकर बस’ (Triple Decker Bus) आज भी दर्शकों को हैरान कर देती है। कई लोगों को लगता है कि यह पूरा सीन कंप्यूटर ग्राफिक्स का कमाल था, लेकिन सच यह है कि फिल्म में दिखाई गई यह बस वास्तव में बनाई गई थी। इसके पीछे मेकर्स और इंजीनियरों की जबरदस्त मेहनत और अनोखी तकनीक छिपी हुई थी।
फिल्म की प्रोडक्शन टीम चाहती थी कि जादुई दुनिया को जितना संभव हो सके उतना वास्तविक दिखाया जाए। इसके लिए उन्होंने लंदन की तीन पुरानी क्लासिक डबल-डेकर बसें खरीदीं।
इन बसों को काट-छांट कर एक के ऊपर एक फिट किया गया और इस तरह लगभग 22 फीट ऊंची ट्रिपल-डेकर बस तैयार की गई। शूटिंग के लिए ऐसी दो बसें बनाई गई थीं—एक का इस्तेमाल अंदर के सीन फिल्माने के लिए हुआ, जबकि दूसरी बस को सड़कों पर दौड़ाने के लिए तैयार किया गया।
जब इस बस को सड़क पर चलाने की तैयारी हुई तो एक बड़ी तकनीकी समस्या सामने आई। बस की ऊंचाई ज्यादा होने के कारण उसका सेंटर ऑफ ग्रेविटी असंतुलित हो गया था, जिससे मोड़ लेते समय बस के पलटने का खतरा था।
इस समस्या को हल करने के लिए इंजीनियरों ने बस के निचले हिस्से में करीब 2 टन लोहे का अतिरिक्त वजन जोड़ दिया। इससे बस का आधार भारी हो गया और वह सड़क पर संतुलित तरीके से चलने लगी।
फिल्म में यह बस ट्रैफिक के बीच से बेहद तेज रफ्तार से गुजरती दिखाई देती है। असल में यह सीन एक खास ट्रिक से फिल्माया गया था।
शूटिंग के दौरान आसपास की गाड़ियों को बहुत धीमी गति से चलने के लिए कहा गया, जबकि बस को थोड़ा तेज चलाया गया। बाद में पोस्ट-प्रोडक्शन में फुटेज को फास्ट-फॉरवर्ड कर दिया गया। इससे पर्दे पर ऐसा लगा जैसे बस बिजली की रफ्तार से भाग रही हो।
आज के दौर में जहां ज्यादातर फिल्मी दृश्य ग्रीन स्क्रीन और VFX से बनाए जाते हैं, वहीं Harry Potter film series के इस सीन में इस्तेमाल किया गया प्रैक्टिकल इफेक्ट दिखाता है कि मेकर्स एक यादगार सीन बनाने के लिए कितनी बारीकी और मेहनत करते थे।
इसी वजह से यह जादुई बस आज भी फिल्म इतिहास के सबसे यादगार दृश्यों में गिनी जाती है।
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