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10 साल में निर्माण न करने वाले इंदौर प्राधिकरण के सैकड़ों भूखंडधारक परेशान

February 04, 2026

  • शासन से मंजूरी का इंतजार, नामांतरण, लीज नवीनीकरण सहित सभी प्रक्रिया पड़ी ठप, बापू गांधी नगर के रहवासी भी सीईओ से मिलने पहुंचे

इंदौर। प्राधिकरण में इन दिनों बड़ी संख्या में वे भूखंडाधारक चक्कर काट रहे हैं जिन्होंने आबंटन के बाद 10 साल में निर्माण नहीं किया, जिसके चलते लीज नवीनीकरण, नामांतरण, भू-स्वामी अधिकार, लीज डीड सहित सैंकड़ों प्रकरण अधर में लटके हैं। प्राधिकरण बार-बार शासन से मंजूरी भी मांग रहा है और पिछली बोर्ड बैठक में लिए निर्णय के आधार पर फिर से शासन को पत्र लिखा गया, ताकि व्ययन नियमों में संशोधन किया जा सके। अभी शासन नियमों के चलते 10 साल की समय सीमा में न्यूनतम 10 प्रतिशत निर्माण ना करने पर लीज निरस्ती का प्रावधान है। जबकि पहले प्राधिकरण जुर्माना राशि आरोपित कर देता था।

प्राधिकरण की योजना 54, 74, 78 से लेकर कई पुरानी योजनाओं में सैंकड़ों भूखंडधारक ऐसे हैं जिन्होंने अपने भूखंडों पर किसी तरह निर्माण नहीं किया और इनमें से कई भूखंड बिक भी गए और अब जो नए खरीददार हैं वे भी प्राधिकरण दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं, क्योंकि उनके नामांतरण से लेकर लीज नवीनीकरण की प्रक्रिया अटकी पड़ी है। प्राधिकरण 2018 से फ्री होल्ड सम्पत्ति बेच रहा है और पहले निर्धारित समयावधि में निर्माण ना करने पर 100 रुपए प्रति वर्ग मीटर प्रति वर्ष की दर से सम्पाउंडिंग यानी जुर्माना लेने का प्रावधान भी था।


  • मगर बाद में सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के चलते प्रकरणों के निराकरण की प्रक्रिया को बदलना पड़ा और शासन के भी जो व्ययन नियम 2018 लागू हैं, उसके नियम 23 के उप नियम-2 में कहा गया कि पट्टे की अवधि के प्रारंभ होने की तिथि से 10 वर्ष की समयावधि में न्यूनतम निर्माण नहीं किया जाता है तो नियम 22 के तहत प्राधिकरण पट्टा निरस्त कर पुन: प्रवेश कर सकेगा। यानी लीज निरस्त कर प्राधिकरण उक्त भूखंड का कब्जा हासिल कर सकेगा। हालांकि यह प्रक्रिया इतनी आसान नहीं है।

    अभी चूंकि सैंकड़ों भूखंडधारक परेशान हो रहे हैं, जिसके मद्देनजर प्राधिकरण ने अपनी पिछली बोर्ड बैठक में इसका प्रस्ताव भी रखा और उस आधार पर संकल्प 221 मंजूर करते हुए शासन को पुन: स्मरण-पत्र भेजा, जिसमें लीज निरस्ती से जुड़े नियम 23 (2) को विलोपित करने का अनुरोध किया गया। वहीं कल दूसरी तरफ विधायक रमेश मेंदोला के निर्देश पर पार्षद बालमुकुंद सोनी बापू गांधी नगर के रहवासियों को लेकर प्राधिकरण सीईओ डॉ. परीक्षित झाड़े से मिलने पहुंचे। दरअसल, प्राधिकरण की रोड के कारण इन रहवासियों के मकानों को हटाया जाना है, जिसके चलते बड़ी संख्या में कल महिला, पुरुष बच्चे प्राधिकरण दफ्तर पहुंचे। सीईओ ने प्रभावितों के लिए मानवीय आधार पर विचार कर निर्णय लेने का आश्वासन भी दया।

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