वॉशिंगटन। अमेरिकी अर्थशास्त्री और रणनीतिकार जेफरी सैक्स (Jeffrey Sachs) ने कहा है कि यदि संयुक्त अरब अमीरात (United Arab Emirates )ईरान से जुड़े संघर्ष में शामिल होता है, तो दुबई (Dubai) और अबू धाबी (Abu Dhabi) जैसे प्रमुख शहर गंभीर खतरे में पड़ सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि ये शहर पर्यटन और व्यापार के लिए बने हैं, न कि युद्ध या मिसाइल हमलों से बचाव के लिए मजबूत सैन्य ढांचे वाले ठिकाने।
सैक्स ने कहा कि दुबई और अबू धाबी को रिसॉर्ट और मनोरंजन केंद्र के रूप में विकसित किया गया है, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक और निवेशक आते हैं। ऐसे शहर युद्ध की स्थिति में सीधे निशाने पर आ सकते हैं। उनके मुताबिक, संघर्ष में शामिल होना इन शहरों के बुनियादी मॉडल को ही जोखिम में डाल देगा।
‘अमेरिका-इजरायल गठजोड़ पर निर्भरता जोखिम’
Jeffrey Sachs ने Abraham Accords का जिक्र करते हुए कहा कि इससे खाड़ी देशों की सुरक्षा अमेरिकी समर्थन पर ज्यादा निर्भर हो गई है। उन्होंने Henry Kissinger का हवाला देते हुए कहा कि “अमेरिका का दुश्मन होना खतरनाक है, लेकिन उसका दोस्त होना भी घातक हो सकता है।”
सैक्स ने कहा कि यूएई को “हारने वाले रास्ते” पर आगे बढ़ने से बचना चाहिए और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। उनके अनुसार, यह मान लेना कि अमेरिकी सैन्य ठिकाने होने से पूरी सुरक्षा मिल जाएगी, एक गलतफहमी हो सकती है।
ईरान की चेतावनी के बीच बयान
यह बयान ऐसे समय आया है जब Iran ने क्षेत्रीय देशों को चेताया है कि वे अमेरिका को अपने सैन्य अड्डों का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हमलों के लिए न करने दें। तेहरान ने कहा कि ऐसा करने वाले देशों को परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, बढ़ते तनाव के बीच यूएई जैसे देशों के लिए संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि किसी भी पक्ष में खुलकर शामिल होना उनके बड़े शहरों की सुरक्षा पर असर डाल सकता है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved