
मैमेनसिंह शहर। बांग्लादेश (Bangladesh) में हिंदू युवक (Hindu Youth) की बेरहमी से हत्या और फिर उसे जलाने के बाद हिंदू समुदाय के लोगों में आक्रोश देखने को मिल रहा है। सोमवार को मैमेनसिंह शहर (Mymensingh city) में दीपू चंद्र दास (Dipu Chandra Das) की भीड़ द्वारा हत्या किए जाने के विरोध में, बांग्लादेश में हिंदू धार्मिक संगठनों और अल्पसंख्यक समूहों ने नेशनल प्रेस क्लब के सामने प्रदर्शन किया है। ढाका के ढाकेश्वरी मंदिर में भी हिंदू समुदाय के लोग जुटे और हत्या का विरोध करते हुए सरकार को आड़े हाथों लिया। लोगों ने इस मौके पर दीपू चंद्र दास को श्रद्धांजलि भी दी।
प्रदर्शन के दौरान अल्पसंख्यक अधिकार आंदोलन की छात्र प्रतिनिधि सुष्मिता कार ने कहा, “18 दिसंबर 2025 को, भीड़ द्वारा न्याय के नाम पर दीपू चंद्र दास नाम के एक व्यक्ति की बेरहमी से हत्या कर दी गई, वह निर्दोष था। हमें यह जानकारी मिली कि उसका अपने सहकर्मियों से कुछ विवाद था और उन्होंने कुछ अपशब्द कहे थे। यह हमारे लिए बहुत सामान्य मामला है क्योंकि पिछले साल हमने इस तरह के कई मामले देखे थे और हाल ही में यह मामला इतना बड़ा हो गया क्योंकि हर किसी ने सोशल मीडिया पर वीडियो देखा।”
बता दें कि, बांग्लादेश के मैमनसिंह जिले में 27 साल के दीपू चंद्र दास नाम के एक हिंदू युवक को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने कहा है कि इस मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पिछले साल देश में जुलाई में हुए विद्रोह में एक प्रमुख चेहरा रहे युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में अशांति के बीच यह लिंचिंग हुई थी।
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