
इंदौर। जन्मजात जटिल विकृति या,अन्य किसी दुर्घटनावश बिगड़े चेहरो वाले 54 पीडि़तो के लिए मुफ्त में की गई प्लास्टिक सर्जरी वाकई में सिर्फ वरदान साबित हो रही है । लगभग 6 दिन चले सर्जरी कैम्प के दौरान अमेरिका के डाक्टरर्स और उनकी सहयोगी स्थानीय टीम ने प्लास्टिक सर्जरी के जरिये जंहा, एक पीडि़त को नया कान बना कर लगा दिया तो वंही, इसी तरह कई कटे- फटे होठ,चिपके तालु और नाक से सम्बंधित पीडि़तों को जन्मजात जटिल विकृतियों औऱ कमियों से निजात दिला दी ।
अमेरिका की संस्था फेस ऑफ टुमारो और स्वर्णिम फाउंडेशन द्वारा शहर के वर्मा यूनियन हास्पिटल में की गई मुफ्त प्लास्टिक सर्जरी के बाद पीडि़तों के चेहरे पर न सिर्फ नई मुस्कान के साथ भरपूर आत्मविश्वास लौटता नजर आ रहा है बल्कि जन्मजात जटिल विकृतियो के चलते अपने बच्चो के भविष्य को लेकर हमेशा चिंतित रहने वाले माता- पिता औऱ परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू और चेहरे पर सुकून बस देखते ही बनता है।
पहले चिंता थी कि इनकी शादी कैसे करेंगे, मगर अब सब खुश हैं
स्वर्णिम फाउंडेशन की रेखा जैन ने बताया कि प्लास्टिक सर्जरी के बाद पीडितो के साथ- साथ उनके मातापिता खुश नजर आए ।इनके परिजनों ने कहा हमारे परिवार के लिए यह सभी डाक्टर्स किसी फ़रिश्ते से कम नही है। हम हमारे बच्चो के भविष्य को लेकर हमेशा परेशान रहते थे कि आखिऱ इनकी विवाह और भविष्य कैसा होगा मगर सर्जरी के बाद अब सारी चिंताये दूर हो गई है।
नया कान लगने के बाद चेहरे की खूबसूरती लौटी
स्वर्णिम फाउंडेशन के संस्थापक वीरेन्द्र जैन के अनुसार सांवेर तहसील के लगभग 11 वर्षीय यश के चेहरे पर जन्म से ही सामान्य कान के स्थान पर सिर्फ चमड़ी लटक रही थी जो विकृत कान की तरह नजर आती थी। अमेरिकन डाक्टर्स की टीम ने नया कान बनाने का निर्णय लिया । इस नए कान के लिए विकृत कान की चमड़ी का भी इस्तेमाल किया गया। सर्जरी टीम में शामिल न्यूट्रीशिनिस्ट लक्षा जैन ने बताया की इस प्लास्टिक सर्जरी में पूरी टीम में लगभग 8 घण्टे का समय लगा। इस प्लास्टिक सर्जरी में अमेरिका की टीम के अलावा डाक्टर अश्विन वर्मा और डाक्टर राहुल छजलानी की अहम भूमिका रही।नया कान लगने के बाद यश के चेहरे मुस्कान से साथ खूबसूरती भी लौट आई।
एक की जन्म से तो दूसरे की नाक कुत्ते ने काटकर बिगाड़ी
जिन 54 पीडि़तों की प्लास्टिक सर्जरी की गई उनमे 2 ऐसे पीडि़त थे । जिनमे से एक की नाक में जन्म से ही छेद ही नही था इस कारण वह सिर्फ मुंह से ही सांस ले सकता था । सर्जन डाक्टर्स की टीम ने ऑपरेशन कर नया छेद बना दिया । अब पीडि़त आम लोगो की तरह नाक से भरपूर सांस ले सकता है । इसी तरह एक अन्य पीडि़त की नाक, कुत्ते के काटने से बुरी तरह से बिगड़ चुकी थी । इसकी भी नाक प्लास्टिक सर्जरी के जरिये सुधार कर सामान्य लोगो की तरह कर दी गयी।
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