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इंदौर जिले में 4 लाख 47 हजार मतदाताओं के नाम कट गए

February 17, 2026

  • एसआईआर सर्वे में भाजपा को ही हुआ बड़ा नुकसान, पहली बार इतनी संख्या में सभी 9 विधानसभा में घट गए मतदाता तो 5108 की नागरिकता पर आ गया संकट

इंदौर। चुनाव आयोग जो अभी मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर करवा रहा है उससे इंदौर जिले की सभी 9 विधानसभा सीटों पर 4 लाख 47 हजार 123 मतदाता घट गए हैं। इतनी बड़ी संख्या में पहली बार मतदाता कम हुए हैं, जिसका नुकसान सत्ता पक्ष यानी भाजपा को ही फिलहाल नजर आ रहा है, क्योंकि जहां प्रदेश में उसकी सरकार बनी, तो इंदौर में सभी 9 सीटों पर भाजपा के विधायक ही जीते हैं और कई सीटें तो ऐसी है जहां पर हटाए गए मतदाताओं की संख्या जीत-हार के आंकड़े से भी ज्यादा है। इस युक्तियुक्त करण में 585 नए मतदान केन्द्र भी बढ गए और अब 3210 मतदान केन्द्र हो गए हैं।

अभी तक प्रकाशित खबरों में यह बताया गया कि इंदौर जिले में सिर्फ 5 हजार 108 मतदाताओं के नाम हटे हैं। जबकि हकीकत यह है कि 4 लाख 47 हजार 123 मतदाताओं के नाम सभी 9 विधानसभा सीटों पर कम हुए हैं। इनमें मृतक मतदाताओं के अलावा स्थानांतरित, अनुपस्थित या अन्य श्रेणी के मतदाता हैं। चूंकि यह पहला मौका है जब मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर आयोग ने करवाया, जिसके चलते एक-एक मतदाता की गहन जांच-पड़ताल बीएलओ द्वारा की गई और सभी से दस्तावेज भी मांगे गए। वैसे तो हर साल मतदाता सूची का पुनरीक्षण होता है, मगर कभी भी इतनी बड़ी संख्या में नाम एक साथ नहीं कटते हैं।


  • 27 अक्टूबर 2025 को आयोग ने एसआईआर सर्वे ेक लिए इंदौर जिले की मतदाता सूची को फ्रिज करवा दिया था और उस वक्त 28 लाख 67 हजार 294 मतदाता सभी 9 विधानसभा सीटों में मौजूद बताए गए थे, जिनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 14 लाख 42 हजार 208, महिला मतदाताओं की संख्या 14 लाख 24 हजार 908 तथा थर्ड जेंडर मतदाता 106 थे। इसके बाद सर्वे शुरू हुआ, जो अभी 14 फरवरी तक चला और उसके बाद विधानसभावार मतदाताओं की जो संख्या सामने आई उससे पता चला कि वर्तमान में अब 24 लाख 97 हजार 34 मतदाता हो गए हैं, जिसमें पुरुष मतदाता 12 लाख 52 हजार 353 और महिला मतदाता 12 लाख 34 हजार 586 और थर्ड जेंडर मतदाता 95 हैं।

    18 दिसम्बर तक 24 लाख 20 हजार 171 गणना पत्रकों को डिजिटाइज्ड किया गया था। जिले में अनुपस्थित, स्थानांतरित तथा मृत श्रेणी के मतदाताओं की संख्या 4 लाख 47,123 बताई गई। वहीं 5 हजार 108 मतदाता अपात्र घोषित किए गए। यानी वे किसी तरह के दस्तावेज अपनी नागरिकता या मतदाता होने के उपलब्ध नहीं करा पाए और इन्हीं लोगों की खोज के लिए आयोग ने एसआईआर करवाया। मगर 5 हजार 108 अपात्र मतदाताओं की खोजबीन करने के चक्कर में इंदौर जिले में 4 लाख 47 हजार मतदाताओं के नाम कट गए और राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह खुद भाजपा के लिए ही नुकसानदायक साबित हुआ, क्योंकि अभी सभी विधानसभा सीटों पर भाजपा के विधायक ही काबिज हैं और उनके क्षेत्रों में बड़ी संख्या में मतदाता कम हो गए हैं। अब विधानसभा 1 में मतदाताओं की संख्या 311276, विधानसभा-2 में 289965, 3 में 154136, 4 में 218151, 5 में 352852, महू में 266116, राऊ में 338551, सांवेर में 300600 और देपालपुर में 255354 मतदाता ही बचे हैं।

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